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Update 26: भारत-पाकिस्तान के बीच कैदियों की सूची का आदान-प्रदान, मानवीय पहल की दिशा में अहम कदम
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
दिल्ली: भारत और पाकिस्तान ने द्विपक्षीय समझौतों के तहत एक बार फिर अपने-अपने देशों की हिरासत में बंद कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया है। यह प्रक्रिया दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मानवीय पहल का हिस्सा है,
विस्तार
दिल्ली: भारत और पाकिस्तान ने द्विपक्षीय समझौतों के तहत एक बार फिर अपने-अपने देशों की हिरासत में बंद कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया है। यह प्रक्रिया दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मानवीय पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जेलों में बंद नागरिकों की जानकारी साझा करना और आवश्यक मामलों में उनकी रिहाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। दोनों देशों ने राजनयिक माध्यमों के जरिए एक-दूसरे को अपनी-अपनी जेलों में बंद नागरिकों की अद्यतन सूची सौंपी। इस सूची में उन नागरिकों और मछुआरों का विवरण शामिल है, जो सीमा पार करने या अन्य कारणों से दूसरे देश की जेलों में बंद हैं। भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया है कि जिन भारतीय नागरिकों और मछुआरों ने अपनी सजा पूरी कर ली है या जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो चुकी है, उन्हें जल्द रिहा कर सुरक्षित भारत भेजा जाए। वहीं पाकिस्तान ने भी अपने नागरिकों से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मतभेदों के बावजूद इस तरह की मानवीय पहल दोनों देशों के बीच विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कैदियों की सूची का नियमित आदान-प्रदान न केवल द्विपक्षीय समझौतों के पालन का प्रतीक है, बल्कि जेलों में बंद निर्दोष या सजा पूरी कर चुके लोगों की शीघ्र रिहाई का मार्ग भी प्रशस्त करता है। भारत सरकार लगातार इस बात पर जोर देती रही है कि मानवीय आधार पर कैदियों, विशेषकर मछुआरों, बुजुर्गों, महिलाओं और मानसिक रूप से अस्वस्थ कैदियों के मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए। दोनों देशों के बीच यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे मानवीय मुद्दों पर सहयोग को और मजबूती मिल सके।
