-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: पीडीएस राशन विवाद में 120 बोरी चावल की रात में ट्रॉली पर अनलोडिंग, जांच शुरू
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: कुशीनगर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित होने वाले सरकारी राशन को लेकर एक मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: कुशीनगर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित होने वाले सरकारी राशन को लेकर एक मामला सामने आया है। कसया थाना क्षेत्र के बरवा जंगल के पास देर रात एक ट्रक से करीब 120 बोरी चावल निजी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर उतारे जा रहे थे। सूचना मिलने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। यह घटना नेशनल हाईवे किनारे अंधेरे में हुई। शिकायत मिलने पर कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान ट्रक से निजी ट्रॉली पर उतारी जा रही लगभग 120 बोरी चावल को जब्त कर खाद्य एवं रसद विभाग को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की, लेकिन राशन उतारने के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इस घटना से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यदि राशन वितरण प्रक्रिया नियमानुसार थी, तो रात के अंधेरे में निजी ट्रॉली पर अनलोडिंग क्यों की जा रही थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका। ट्रक चालक दिनेश ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वाहन पर राशन शाम करीब चार बजे लोड किया गया था। अधिकांश कोटेदारों के यहां वितरण हो चुका था, केवल एक स्थान पर राशन पहुंचाना बाकी था। चालक के अनुसार, तभी ट्रक के पहिए में तकनीकी खराबी आ गई। उसने वाहन अगले दिन खाली करने की बात कही थी। चालक ने आगे बताया कि विभाग से जुड़े मुंशी और मैनेजर ने मौसम खराब होने की आशंका जताते हुए राशन को ट्रॉली पर उतरवाने का निर्देश दिया। चालक के अनुसार, वह केवल निर्देशों का पालन कर रहा था और 100 से अधिक बोरी ट्रॉली पर लाद दी गई थीं। तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे किनारे अंधेरे में ट्रक से राशन उतारे जाने की शिकायत मिली थी। मौके पर पहुंचने पर वहां मौजूद जिम्मेदार लोग स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद खाद्य एवं रसद विभाग को बुलाकर जांच शुरू कराई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच कर रहा है। अब यह जांच तय करेगी कि गरीबों के लिए आवंटित राशन को निजी ट्रॉली पर किस परिस्थिति में उतारा गया और कहीं इसके पीछे किसी प्रकार की अनियमितता या घपलेबाजी तो नहीं थी। मामला केवल 120 बोरी चावल का नहीं, बल्कि गरीबों के हक और सरकारी वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है।
