-
☰
No image found.
बिहार: हिसार में 7 ड्रोन दीदियां करेंगी फसलों पर छिड़काव, 20 जुलाई तक करें पंजीकरण
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
बिहार: बिहार सरकार ने पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत मकान मालिक अपने घरों को होम स्टे में बदलकर कमाई कर सकते हैं।
विस्तार
बिहार: बिहार सरकार ने पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत मकान मालिक अपने घरों को होम स्टे में बदलकर कमाई कर सकते हैं। बिहार सरकार : बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को एक नई दिशा देने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अफसर पैदा करने के लिए एक बहुत बड़ी शानदार कदम उठाया है सरकार ने मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को अपनी हरी झंडी दे दी है. इस योजना के तहत शुरू होने से अब बिहार के आम लोगों को -अपने ही घर से मोटी कमाई करने का एक बेहतरीन मौका मिलने जा रहा है अगर आपके पास बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों के पास घर या मकान है तो आप इस योजना का पूरा फायदा उठा सकते हैं और अपने पुराने या नए घर को होमस्टे में बदल सकते हैं, हर कमरे पर मिलेगी भारी सब्सिडी। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार मकान मालिकों को आर्थिक रूप से बहुत बड़ी मदद दे रही है. अपने घर को पर्यटकों के ठहरने लायक होम स्टे में बदलने के लिए सरकार हर कमरे के हिसाब से ढाई लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देगी। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन अगर आप भी बिहार सरकार की इस अद्भुत योजना आई शुरू इसके लिए आपको पर्यटन विभाग आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन करते समय आपको अपने घर और जमीन के मालिक आना हक से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे इसके साथ ही आपको पहचान के लिए जरूरी सरकारी दस्तावेज जैसे बैंक खाता आधार कार्ड का विवरण और अन्य जरूरी पहचान पत्र की जानकारी भी देनी होगी। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. यह योजना बिहार के पर्यटक क्षेत्र की सूरत बदलने और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा मिल का पत्थर साबित हो सकती है।
एक होमस्टक के अंदर आप अधिकतम 8 कमरों का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. अगर आप सामान्य श्रेणी में आते हैं तो आपको सरकार की तरफ से कुल 10 लख रुपए की मदद मिल सकती है वहीं सरकार ने महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूह को 18-25 साल के युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किया है. इन वर्गों को 25000 की अतिरिक्त मदद दी जाएगी. जिससे उनकी कुल सहायता राशि 11 लlख रुपए तक पहुंच जा सकती है.
5 साल में 1000 कमरे बनाने का लक्ष्य है, बिहार सरकार का पर्यटन विभाग इस योजना को लेकर काफी गंभीर है सरकार ने अगले 5 सालों के भीतर राज्य में 1000 नए कमरों को होमस्टे के रूप में विकसित करने का एक बड़ा लक्ष्य किया है। को भी बिहार के संस्कृति को भी करीब से देखने और समझने का मौका भी मिल सकेगा।
इसमें कौन कर सकता है आवेदन और क्या है शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद आसान शर्तों तय की है. होम स्टे एक ऐसी जगह होगी जहां पर्यटकों के रहने के लिए ज्यादा से ज्यादा आठ कमरे उपलब्ध हो इस योजना की अच्छी बात यह है कि मकान मालिक को इस परिसर में रहना जरूरी है. अगर आपके पास एक से अधिक जगह पर मकान है तो अलग-अलग पट्टी और एक से अधिक खोल सकते हैं. सरकार हर इकाई को लाभ देगी. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि वह जमीन या मकान किसी भी तरह के कानूनी विवाद में फंसा हुआ नहीं होना चाहिए. यह योजना सिर्फ होमस्टे पर लागू होगी. किसी भी होटल रिसोर्ट होटल या गेस्ट हाउस को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इन जगहों पर लागू होगी योजना। बिहार सरकार में इस योजना को पहले चरण के 16 जिलों के 35 प्रमुख पर्यटक स्थलों के लिए लागू किया है. आपका होमस्टे इन तय किए गए पर्यटक को स्थान के पांच किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए. पर्यटन विभाग के पास यह अधिकार सुरक्षित रहेगा वह आने वाले समय में इस सूची को नए पर्यटन स्थलों को जोड़ सके या बदलाव कर सके. सरकारी कर्मचारी और अनुबंध पर काम करने वाले कर्मों को छोड़कर राज्य का कोई भी नागरिक इस योजना के लिए आवेदन करने के योग्य माना गया है।
