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बिहार: जदयू नवादा में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल, प्रखंड अध्यक्ष चयन प्रक्रिया पर नेताओं ने जताई आपत्ति
- Photo by : social media
संक्षेप
बिहार: नवादा ज़िले में जनता दल (यूनाइटेड) के 14 प्रखंडों में एक भी अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष का चयन नहीं होने से संगठन के भीतर प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जदयू नेता शमीम उद्दीन ने इसे महज़ संयोग नहीं, बल्कि गंभीर राजनीतिक संकेत बताया है।
विस्तार
बिहार: नवादा ज़िले में जनता दल (यूनाइटेड) के 14 प्रखंडों में एक भी अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष का चयन नहीं होने से संगठन के भीतर प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जदयू नेता शमीम उद्दीन ने इसे महज़ संयोग नहीं, बल्कि गंभीर राजनीतिक संकेत बताया है। उनका कहना है कि यह स्थिति संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक न्याय की अवधारणा पर प्रश्नचिह्न लगाती है। विशेष रूप से नरहट प्रखंड का मामला चर्चा में है। पूर्व प्रखंड अध्यक्ष एहतेशाम क़ैसर उर्फ़ बंटी, जिन्होंने वर्षों तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई, ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया की समुचित जानकारी नहीं दी गई। यदि ऐसा हुआ है तो यह केवल उपेक्षा नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किनारे करने का प्रयास प्रतीत होता है। निर्वाची पदाधिकारी और पर्यवेक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि चुनाव निष्पक्ष था तो सभी दावेदारों को समान सूचना क्यों नहीं मिली और संवाद में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखी। जब प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में हो, तो निष्पक्षता का दावा कमजोर पड़ जाता है। शमीम उद्दीन ने ज़िला निर्वाची पर्यवेक्षक से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए पारदर्शी समीक्षा और तथ्यात्मक जांच की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं होगा तो संगठन का मनोबल प्रभावित होगा। अब देखना यह है कि जदयू नेतृत्व इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या अल्पसंख्यक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।