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दिल्ली: पत्रकारों के सवालों पर राहुल नवरंग का सरकार पर हमला, बोले- लोकतंत्र में सत्ता से सवाल पूछना अपराध नहीं

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दिल्ली  Published by: Fulchand Malviya , दिल्ली  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 04/09/2026 01:26:07 pm Share:
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  • Published by.: Fulchand Malviya ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 04/09/2026 01:26:07 pm
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संक्षेप

दिल्ली: दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने को लेकर पत्रकारों के साथ हुए घटनाक्रम और मीडिया पर कथित दबाव के मुद्दे ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

विस्तार

दिल्ली: दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने को लेकर पत्रकारों के साथ हुए घटनाक्रम और मीडिया पर कथित दबाव के मुद्दे ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। इस मामले को लेकर राहुल नवरंग ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब सत्ता से सवाल पूछने के लिए भी सरकार से अनुमति पत्र लेना पड़ेगा। राहुल नवरंग ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और मीडिया को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यदि जनप्रतिनिधियों और सरकार को तीखे या असहज सवालों से परेशानी होती है, तो सरकार को स्पष्ट रूप से बता देना चाहिए कि शासन से सवाल पूछना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है और पत्रकारों का काम इसी जवाबदेही को सामने लाना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तंज कसते हुए राहुल नवरंग ने कहा कि चुनाव के दौरान नेता जनता के बीच जाकर उनके सवाल सुनते हैं और समर्थन मांगते हैं। लेकिन सत्ता में आने के बाद यदि वही सवाल असहज लगने लगें और उन्हें दबाने की कोशिश की जाए तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि मीडिया का काम सत्ता की चाटुकारिता करना नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों, फैसलों और कामकाज पर सवाल उठाना है। उनके मुताबिक पत्रकार जब शासन-प्रशासन से सीधे और कठिन सवाल करते हैं, तो इसका उद्देश्य जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना होता है।

राहुल नवरंग ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का मूल काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराध पर रोक लगाना है, न कि सरकार को असहज सवालों से बचाने के लिए पत्रकारों पर दबाव बनाना। उन्होंने दावा किया कि यदि तीखे सवाल पूछने पर पुलिसिया कार्रवाई या दबाव का माहौल बनाया जाएगा तो निष्पक्ष पत्रकारिता के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल सरकार की उपलब्धियों की प्रशंसा करने का नाम नहीं है। जनता और मीडिया को सरकार के फैसलों पर सवाल करने तथा पारदर्शिता की मांग करने का अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मीडिया और जनता की सवाल पूछने की आजादी पर पहरा लगाने की कोशिश हुई तो इसके खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाई जाएगी। राहुल नवरंग के इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में मीडिया की स्वतंत्रता, पत्रकारों की भूमिका और सरकार की जवाबदेही को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।