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उत्तर प्रदेश: मायावती का बड़ा बयान, बीएसपी देशभर में अकेले लड़ेगी सभी छोटे-बड़े चुनाव
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 3 सितंबर को आयोजित पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी चुनावों की रणनीति और देश के मौजूदा मुद्दों को लेकर पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 3 सितंबर को आयोजित पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी चुनावों की रणनीति और देश के मौजूदा मुद्दों को लेकर पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पार्टी के पिछले कार्यों की समीक्षा करते हुए कमियों को दूर करने और संगठनात्मक गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की सख्त हिदायत दी। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज का हित, कल्याण और अस्मिता बीएसपी के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने पार्टी के संस्थापक कांशीराम के संघर्ष और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि शोषित वर्ग को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाकर सत्ता में भागीदारी दिलाना पार्टी का प्रमुख लक्ष्य है। बैठक में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर भी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन अभी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने का समय नहीं आया है। मायावती के मुताबिक उन्हें राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। मायावती ने कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले ही इन राज्यों में संगठनात्मक कमियों को दूर किया जाए। बैठक में राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों से संगठन की प्रगति रिपोर्ट भी ली गई। कांशीराम की आगामी 9 अक्टूबर को पुण्यतिथि को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तर पर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर संगोष्ठियों के आयोजन की बात कही गई। दिल्ली में बहुजन समाज प्रेरणा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं को लखनऊ में कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचने के निर्देश दिए गए। मायावती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए जातिवाद, असमानता, आरक्षण, महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरएसएस से संविधान के मूल्यों और समानता के सिद्धांतों पर ईमानदारी से अमल करने की अपील की। इसके अलावा मायावती ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध, राष्ट्रीय सुरक्षा, महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं, बेरोजगारी और जेन-जी तथा जेन-अल्फा से जुड़ी समस्याओं को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इन विषयों पर गंभीरता से काम करने की अपील की। मायावती ने यह भी कहा कि बीएसपी ने देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है। पार्टी संगठन को इस रणनीति के अनुसार मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
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