-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: लखपति दीदी अभियान की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्दे
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशानुसार जिले में लखपति गौपालक दीदी योजना और लखपति दीदी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
विस्तार
मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशानुसार जिले में लखपति गौपालक दीदी योजना और लखपति दीदी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं, आजीविका संवर्धन तथा विपणन के अवसरों के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव, जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश सिंह तोमर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, विकासखंड समन्वयक तथा महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं मौजूद रहीं। अधिकारियों ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लखपति गौपालक दीदी योजना का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ उनके उत्पादों के विपणन के लिए भी ठोस व्यवस्था विकसित की जाए। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7 जुलाई 2026 तक जिले में 20,031 महिलाओं को लखपति दीदी अभियान के तहत जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वय से महिलाओं को डेयरी, पशुपालन, कृषि आधारित गतिविधियों और अन्य आजीविका के साधनों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य जारी है। कलेक्टर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाए। बैठक में महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए सुझाव दिए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराकर लखपति दीदी अभियान को जिले में और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कलेक्टर ने अंत में सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
