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मध्य प्रदेश: कोथर कलां में श्रीमद् भागवत कथा पंडित उपेंद्र शास्त्री ने दिया नशामुक्ति का संदेश

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , Date: 18/02/2026 01:52:16 pm Share:
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  • 18/02/2026 01:52:16 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: भगवान राम ने असुरों से निजात दिलाया तथा इस धरती पर राम राज्य की स्थापना की लोगों को मर्यादा का पाठ सिखाया श्री शास्त्री जी ने लोगों से नशा न करने की अपील भी की नशा नाश की जड़ है इसे छोड़ने में ही भलाई है पंडित उपेंद्र शास्त्री

विस्तार

मध्य प्रदेश: भगवान राम ने असुरों से निजात दिलाया तथा इस धरती पर राम राज्य की स्थापना की लोगों को मर्यादा का पाठ सिखाया श्री शास्त्री जी ने लोगों से नशा न करने की अपील भी की नशा नाश की जड़ है इसे छोड़ने में ही भलाई है पंडित उपेंद्र शास्त्री,, ग्राम करके का पुरा कोथर कलां में श्रीमती किरन देवी सुरेश सिंह तोमर के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भगवान राम की महिमा का गुणगान, नशामुक्ति का दिया संदेश ग्राम करके का पुरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान विख्यात कथा वाचक पंडित उपेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य और मर्यादा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया।
कथा व्यास पीठ से बोलते हुए पंडित शास्त्री ने कहा कि भगवान राम केवल एक राजा नहीं, बल्कि आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श शासक के प्रतीक हैं। उन्होंने राम जन्म, वनवास, माता-पिता के प्रति आज्ञाकारिता, भ्रातृ प्रेम, माता सीता के प्रति समर्पण और रावण वध की कथा को बड़े ही 

भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। कथा श्रवण करते समय श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। पंडित उपेंद्र शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में मर्यादा और नैतिक मूल्यों को अपनाना आवश्यक है। नशा नाश की जड़, इससे दूर रहें कथा के दौरान उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए नशामुक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज – तीनों के पतन का कारण बनता है। नशे की लत से आर्थिक, मानसिक और शारीरिक हानि होती है तथा परिवारों में कलह और अशांति बढ़ती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नशा नाश की जड़ है। इससे छुटकारा पाने में ही भलाई है। जो व्यक्ति नशे से दूर रहता है, वही अपने परिवार और समाज का सच्चा हितैषी बन सकता है।” उन्होंने युवाओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे स्वयं भी नशा नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।

श्रद्धालुओं ने लिया संकल्प कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि श्रीमद् भागवत कथा का कार्यक्रम आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे वातावरण में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण की।