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उत्तर प्रदेश: मीरगंज ब्लॉक में सार्वजनिक शौचालय कंडम, ODF दावों पर उठे सवाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , Date: 18/02/2026 01:47:04 pm Share:
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  • 18/02/2026 01:47:04 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मीरगंज विकास खंड कार्यालय में बने सार्वजनिक शौचालय बदहाल स्थिति में हैं। ये शौचालय 'कंडम' घोषित किए जा चुके हैं, जिससे खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित इस क्षेत्र के स्वच्छत दावों पर सवाल उठ रहे हैं

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मीरगंज विकास खंड कार्यालय में बने सार्वजनिक शौचालय बदहाल स्थिति में हैं। ये शौचालय 'कंडम' घोषित किए जा चुके हैं, जिससे खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित इस क्षेत्र के स्वच्छत दावों पर सवाल उठ रहे हैं मीरगंज ब्लॉक में सार्वजनिक शौचालय कंडम:ओडीएफ दावों पर सवाल, फरियादी खुले में शौच को मजबूर बरेली के मीरगंज विकास खंड कार्यालय में बने सार्वजनिक शौचालय बदहाल स्थिति में हैं। ये शौचालय 'कंडम' घोषित किए जा चुके हैं, जिससे खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित इस क्षेत्र के स्वच्छता दावों पर सवाल उठ रहे हैं।  लाखों रुपये की लागत से बने इन शौचालयों में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही नियमित साफ-सफाई होती है। इनकी देखरेख का भी कोई इंतजाम नहीं है। 

इन शौचालयों का निर्माण वर्ष 2021-22 में 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के तहत हुआ था। इनका लोकार्पण क्षेत्रीय सांसद संतोष गंगवार, विधायक और ब्लॉक प्रमुख की उपस्थिति में किया गया था। बड़े प्रचार के साथ शुरू हुई यह सुविधा मात्र चार-पांच वर्षों में ही जर्जर हो गई है वर्तमान में शौचालयों की टोंटियां टूटी हुई हैं, परिसर में गंदगी फैली है और दुर्गंध के कारण लोग इनका उपयोग करने से बचते हैं। इन दिनों एसआईआर फॉर्म जमा करने के लिए सैकड़ों ग्रामीण प्रतिदिन ब्लॉक परिसर आते हैं। उन्हें शौच के लिए खुले में जाना पड़ रहा है, जिससे विशेषकर महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।  खंड विकास अधिकारी आनंद विजय यादव ने शौचालयों की खराब स्थिति को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि नए निर्माण का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठ रहा है कि इतने कम समय में ये शौचालय जर्जर कैसे हो गए और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी
मीरगंज ब्लॉक की यह स्थिति स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े करती है।