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मध्य प्रदेश: जौनपुर में मारपीट मामले पर पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: जौनपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है पंवारा थानाक्षेत्र के अंतर्गत उचौरा गांव के एक वृद्ध यादव व्यक्ति आज फूट-फूटकर रो रहे हैं उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी साफ दिख रही है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: जौनपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है पंवारा थानाक्षेत्र के अंतर्गत उचौरा गांव के एक वृद्ध यादव व्यक्ति आज फूट-फूटकर रो रहे हैं उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी साफ दिख रही है। मात्र दो दिन पहले उनके शांतिपूर्ण घर पर सैकड़ों लोगों ने भीम आर्मी के छपरियो ने अकेले गरीब निर्दोष पर हमला बोल दिया हमलावरों ने उनके बेटे को बुरी तरह पीटा, इतना कि वह मौत के मुंह में पहुंच गया। घर की महिलाओं को भी घसीट-घसीटकर मारपीट की गई पूरे घर को तोड़-फोड़कर तबाह कर दिया गया। निर्दोष गरीब लाचार यादव परिवार इन छपरियो के अत्याचार का शिकार हो गया, लेकिन पुलिस ने उल्टा इन पर ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। अब इस परिवार पर जेल जाने का खतरा मंडरा रहा है।
इस बुजुर्ग की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। क्योंकि आप जानतें है भीम आर्मी के छपरियो को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है वो सरकार की नजर शोषित वंचित पीड़ित है- सत्ता की व्यवस्था जहां न्याय दिलाने की बजाय निर्दोषों को ही अपराधी बनाने में लगी दिख रही है एक तरफ पीड़ित परिवार घर-बार और इज्जत बचाने की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कानून का दुरुपयोग हो रहा है भगवान के घर देर होती है, पर अंधेर नहीं होता आज जो अत्याचार कर रहे हैं, कल उन्हें भी अपनी गलतियों का हिसाब देना पड़ेगा जब अन्याय का घड़ा भर जाएगा, तो निरंकुश ताकतें भी रोएंगी मैं अपने सामान्य वर्ग से अपील करती हूं कि, हमें मानवीय संवेदना के आधार पर इस परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए एक निर्दोष यादव परिवार का घर उजड़ने से बचाना हर सामान्य वर्ग के संवेदनशील व्यक्ति का कर्तव्य है मैं विशेष रूप से अपने समाज के लोगों से अनुरोध करती हूं कि इस मामले में ज्यादा से ज्यादा आवाज उठाएं सोशल मीडिया, प्रशासन और कानूनी रास्तों पर दबाव बनाएं ताकि सच्चाई सामने आए और न्याय मिल सके। केवल तभी हम एक सभ्य और न्यायपूर्ण समाज का दावा कर सकते हैं, जब हर पीड़ित को बिना भेदभाव के सहारा मिले उचौरा के इस घटनाक्रम को नजरअंदाज न करें समय रहते आवाज उठाएं, ताकि कल कोई और परिवार इसी तरह टूट न जाए।
