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राजस्थान: पत्रकार धमकी कांड में हाईकोर्ट का बड़ा प्रहार, DGP गृह सचिव को दिए सीधे दखल के आदेश

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राजस्थान  Published by: Bharat Bunkar , राजस्थान  Edited By: Kunal, Date: 24/04/2026 12:31:07 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 24/04/2026 12:31:07 pm
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संक्षेप

राजस्थान: भीलवाड़ा जोधपुर 24/04/2026 को पत्रकार अनिल राठी को गोली मारने की धमकी से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने भीलवाड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखी टिप्पणियां की हैं।

विस्तार

राजस्थान: भीलवाड़ा जोधपुर 24/04/2026 को पत्रकार अनिल राठी को गोली मारने की धमकी से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने भीलवाड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखी टिप्पणियां की हैं। न्यायमूर्ति फरजंद अली की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान प्रतापनगर थाना प्रभारी राजपाल सिंह को जमकर फटकार लगाई गई और जांच में लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए गए। अदालत ने प्रथम दृष्टया जांच अधिकारी की भूमिका पर असंतोष जताते हुए कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार को दी गई धमकी जैसे गंभीर मामले में कार्रवाई में ढिलाई अस्वीकार्य है। राठी ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर टिप्पणी से नाराज होकर एसएचओ ने उन्हें अपशब्द कहे और गोली मारने की धमकी दी। शिकायत के बावजूद पुलिस स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

DGP व गृह सचिव को सख्त निर्देश
 
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजस्थान के DGP और गृह सचिव को मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों का इस तरह का आचरण कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

नोटिस में बदलाव, एसएचओ पर कार्रवाई की अनुशंसा

हाईकोर्ट ने SHO के खिलाफ जारी 17 सीसी नोटिस को 16 सीसी में परिवर्तित करने के निर्देश देते हुए राजपाल सिंह को जिले से बाहर करने की अनुशंसा भी की है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।

कोर्ट आदेश की अवहेलना पर नाराजगी

न्यायालय ने यह भी माना कि 23 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश के बावजूद SHO के अनुपस्थित रहने पर गंभीर नाराजगी जताई गई। कोर्ट ने साफ कहा कि व्यक्तिगत पेशी के आदेश की अनदेखी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

8 मई को होगी अगली सुनवाई 

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 मई 2026 तय करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भीलवाड़ा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इसे पुलिस जवाबदेही और कानून के सख्त पालन का बड़ा संदेश माना जा रहा है।