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राजस्थान: 75 मीटर नियम के विरोध में कोटपूतली में उबाल, व्यापारियों की महारैली व कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: उच्च न्यायालय की जोधपुर स्थित मुख्यपीठ द्वारा नेशनल रोड़ कांग्रेस के नियमानुसार प्रदेशभर में राष्ट्रीय राजमार्गो पर केन्द्र बिन्दू से 75 मीटर व 40 मीटर के नियम को लागू किये जाने को लेकर दिये गये
विस्तार
राजस्थान: उच्च न्यायालय की जोधपुर स्थित मुख्यपीठ द्वारा नेशनल रोड़ कांग्रेस के नियमानुसार प्रदेशभर में राष्ट्रीय राजमार्गो पर केन्द्र बिन्दू से 75 मीटर व 40 मीटर के नियम को लागू किये जाने को लेकर दिये गये आदेशों के विरोध में बुधवार को क्षेत्र के व्यापारियों समेत प्रभावित दुकानदारों व आमजन का राज्य सरकार के प्रति आक्रोश जमकर फुटा। प्रभावितों ने इसे सीधे- सीधे अंधा कानून करार देते हुये राज्य सरकार की लापरवाही का दुष्परिणाम करार दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार नगर व्यापार महासंघ के आह्वान पर बुधवार को राजमार्ग के दोनों और स्थित दुकानें, प्रतिष्ठान व व्यावसायिक परिसर आदि बंद रहे। वहीं नगर परिषद पार्क में उक्त निर्णय के विरूद्ध विशाल आक्रोश रैली एवं आमसभा का आयोजन किया गया। जहां वक्ताओं ने उक्त निर्णय की जमकर भर्त्सना करते हुये इसे वापस लिये जाने की मांग की। वक्ताओं का कहना था कि उक्त निर्णय के विरूद्ध सरकार विधिक उपचारों का प्रयोग करते हुये इस प्रत्यारहित करें या फिर इसके विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट से स्थगन आदेश जारी करवायें। इस दौरान एड. अशोक बंसल, व्यापार महासंघ अध्यक्ष मैथली शरण बंसल, पूर्व विधायक रामचन्द्र रावत, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव भीम पटेल, मौजीराम गुर्जर, सुगन भाई, पूर्व पार्षद भीखाराम सैनी, किराणा व्यापार समिति अध्यक्ष हरिराम सैनी, जितेन्द्र चौधरी, कांग्रेस नेता रामनिवास यादव व जगदीश मीणा, पूर्व चैयरमैन प्रकाश चंद सैनी, पूर्व पार्षद हनुमान सैनी, पूर्व पार्षद व कांग्रेस नेता तारा पूतली, एड. प्रभा अग्रवाल, प्रेमकुमार गुप्ता, रघुवीर यादव, एड. प्रदीप चौधरी, बी एल कसाना, रविन्द्र सिंह शेखावत, डॉ. एस के मीणा, रामचन्द्र सैनी, रमेश बंसल, मुकेश कसाना समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि 75 मीटर नियम लागू होने से व्यापारियों व आमजन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। छोटे व मध्यम वर्ग के दुकानदारों के सामने रोजी- रोटी का संकट खड़ा हो सकता है, हजारों परिवार सड़क पर आ जायेगें। प्रभावितों ने इसे जनहित के विपरित बताते हुये सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। आमसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च करते हुये भारी नारेबाजी के साथ नगरपरिषद पार्क से जिला कलेक्ट्रेट की और कूच किया। जिसकी सूचना मिलते ही डीएसपी राजेन्द्र कुमार बुरड़क, एसएचओ राजेश कुमार शर्मा सहित भारी मात्रा में पुलिस जाप्ता भी जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गया। पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार बंद करते हुये प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट में प्रवेश से रोक दिया। इस दौरान केवल 11 जनों को ही अंदर जाकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी गई। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित लोग नीचे बैठकर जिला कलक्टर से बाहर आकर ज्ञापन लेने की मांग करने लगे, किन्तु मौके पर पहुंचे एसडीएम रामावतार मीणा ने 11 जनों को ही कलक्टर कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपने की बात कही। प्रशासनिक सहमति से समिति के सदस्यों ने अंदर जाकर जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी को ज्ञापन सौंपते हुये विस्तार से 75 व 40 मीटर की समस्या से अवगत करवाया। समिति के एड. अशोक बंसल के अनुसार जिला कलक्टर ने कहा कि उक्त कार्यवाही राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देश पर हो रही हैं। अतः इसमें कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना सही नहीं होगा। प्रभावितों की मांगें राज्य सरकार तक पहुंचा दी जायेगी, जो भी कार्यवाही होगी वह पारदर्शी तरीके से प्रभावितों को भरोसे में लेकर की जायेगी। समिति सदस्यों ने जिला कलक्टर को यह भी बताया कि इस बाबत राज्य सरकार द्वारा विगत 18 नवम्बर 2021 को जारी राजस्व विभाग का नोटिफिकेशन ग्रामीण क्षेत्रों पर लागू होता हैं। चूंकि आबादी क्षेत्र में यह स्वायत्त शासन विभाग के अधीन आता हैं। इसको लेकर राज्य सरकार समय- समय पर दिशा निर्देश जारी करती है कि किस प्रकार सड़क से भूमि छोड़कर पट्टे, भू रूपांतरण, अनापत्ति प्रमाण पत्र या भवन निर्माण स्वीकृति आदि जारी की जायें। ऐसे में यह नियम आबादी क्षेत्र में लागू नहीं होता। प्रदेश भर में 11 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। ऐसे में उक्त आदेशों से लाखों परिवारों की रोजी रोटी पर संकट उत्पन्न हो गया हैं एवं उनकी जीवन भर की कमाई दांव पर लग गई हैं। यह मसला केवल कोटपूतली- बहरोड़ ही नहीं बल्कि पुरे प्रदेश के प्रभावितों का हैं। जिस पर कलक्टर ने बताया कि इस बाबत स्थानीय प्रशासन सहित पीडब्ल्यूडी, नगर परिषद व एनएचएआई की संयुक्त टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया हैं। स्वायत्त शासन विभाग के नियमों की पुरी जांच के बाद ही कार्यवाही की जायेगी। शहरी क्षेत्र में उक्त नियम के मार्गाधिकार के अनुसार सड़क की चौड़ाई 40 से लेकर 30 मीटर तक हैं। ऐसे में अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों को हटाने की ही कार्यवाही होगी। जिस पर सहमति देते हुये व्यापारी मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर वापस लौट गये। ये हैं मांगें :- इस बाबत प्रभावित दुकानदारों, व्यापारियों व संरचनाओं के मालिकों द्वारा गठित समिति की और से जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य बैंच जोधपुर पीठ की डबल बैंच न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी व न्यायमूर्ति डॉ. संदीप शाह द्वारा डीबी सिविल रीट याचिका सं. 24826/2025 हिम्मत सिंह गहलोत बनाम राज्य सरकार में सुनवाई करते हुये जो आदेश दिये गये हैं। उससे कोटपूतली समेत पुरे जिले में राजमार्ग के दोनों ओर स्थित व्यावसायिक एवं आवासीय संरचनाओं, भूखण्ड मालिकों के मध्य डर व घबराहट की स्थिति हैं एवं उनकी जीवन भर की पुंजी व पैतृक सम्पति पर संकट खड़ा हो गया हैं। जिससे वह अपने परिवारों का भरण पोषण कर रहे हैं। ज्ञापन में हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्णय को प्रभावितों के समक्ष सीधी व सरल भाषा में स्पष्ट करने की मांग करते हुये यह