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उत्तर प्रदेश: 60 जिलों के 955 केंद्रों पर 19.94 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, बाहर से आने वालों के लिए विशेष व्यवस्था
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवारत शिक्षकों के लिए एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) का आयोजन करने की घोषणा की है. इससे प्रदेश के करीब 1.80 लाख शिक्षकों को राहत मिलेगी
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवारत शिक्षकों के लिए एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) का आयोजन करने की घोषणा की है. इससे प्रदेश के करीब 1.80 लाख शिक्षकों को राहत मिलेगी. इसका आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आगामी 2 जुलाई से 4 जुलाई तक 60 जिलों में आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा की तैयारियों कि समीक्षा के दौरान कहा कि यह परीक्षा लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी है. परीक्षा ड्यूटी में केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तनाती हो. परीक्षा का संचालन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है. परीक्षा देने बड़ी संख्या में अभ्यार्थी अन्य राज्यों से भी आएंगे, ऐसे में उनकी सहायता की जाए. सभी केंद्रों पर खाद्य एवं पेयजल पदार्थ के उचित मूल्य सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन तंत्र और जिलों के कंट्रोल रूम सक्रिय रहे. जिलाधिकारी एक दिन पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वा भ्यास कराएं. परीक्षा का आयोजन 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर कुल पांच पालियों में आयोजित होगी. 2 जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर, 3 जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक तथा द्वितीय पाली मैं प्राथमिक स्तर तथा 4 जुलाई को प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी. परीक्षा में कुल 1994 661 अभ्यर्थी शामिल होंगे, इनमें 1767180 उत्तर प्रदेश के, जबकि 227481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों के हैं. परीक्षा में 185791 सेवारत शिक्षक तथा 1808870 नए अभ्यर्थी शामिल होंगे. प्राथमिक स्तर के लिए 388179, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 816436 तथा दोनों स्तरों के लिए 395023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ अन्य राज्यों से भी आएंगे.ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस अड्डा तथा प्रमुख यातायात केंद्रों पर पर्याप्त सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
