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उत्तर प्रदेश: बीएनएस लागू होने के बाद 74.66 लाख केस दर्ज, 63 हजार से अधिक जीरो एफआईआर, डिजिटल न्याय प्रणाली को मिली रफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar (UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 01/07/2026 12:31:24 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशन में डिजिटल प्रक्रिया के साथ समयबद्ध न्याय, इस सफल स्टोरी की राह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत 74.66 लाख एफआईआर दर्ज की गई हैं. 1 जुलाई 2024 से लेकर 29 जून 2026 तक 59.98 लाख चार्ज शीट दाखिल की गई हैं.

विस्तार

उत्तर प्रदेश: केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशन में डिजिटल प्रक्रिया के साथ समयबद्ध न्याय, इस सफल स्टोरी की राह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत 74.66 लाख एफआईआर दर्ज की गई हैं. 1 जुलाई 2024 से लेकर 29 जून 2026 तक 59.98 लाख चार्ज शीट दाखिल की गई हैं. उक्त अवधि में 63572 जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं. 2024 में 12821 जीरो एफआईआर दर्ज हुई थीं. इनमें से 13 हजार एफआईआर अंतरराज्यीय हैं. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जुलाई 2024 से लागू होने के बाद ई-साक्ष्य के माध्यम से 46.50 लाख साक्ष्य आईडी निर्मित की गई हैं. डिजिटल प्रक्रिया में 60 दिन में चार्जशीट दाखिल करने की अनुपालन दर 2026 में से 67.26 प्रतिशत हो गई है। 

2024 में यह दर 50.92 प्रतिशत थी. 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करने की अनुपालन दर 2026 में 60.95 प्रतिशत है, जबकि 2024 में यह दर 39.56 प्रतिशत रही है. यौन अपराधों में दो महीने के भीतर चार्ज शीट दाखिल करने की अनुपालन दर 2018 में 44 प्रतिशत थी. वहीं 2025 में यह दर 75.16 प्रतिशत है. मौजूदा समय में 621 पुलिस स्टेशन सीसीटीएनएस से जुड़ गए हैं. 1 जनवरी 2027 तक नए कानूनों के क्रियान्वयन से जुड़ी पांचों संस्थाएं पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और कारागार, यह सभी सौ फ़ीसदी एकीकृत डिजिटल प्रणाली के साथ काम करेंगी। 


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