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उत्तर प्रदेश: देवीपाटन शक्तिपीठ में भक्ति और आधुनिक तकनीक का संगम, सूर्यकुंड पर महाआरती व लाइट एंड साउंड शो ने मोहा मन

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उत्तर प्रदेश  Published by: Vijay Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 16/10/2026 10:47:08 am Share:
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  • Published by.: Vijay Kumar ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 16/10/2026 10:47:08 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बलरामपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री देवीपाटन शक्तिपीठ में गुरुवार को भक्ति, संगीत और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बलरामपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री देवीपाटन शक्तिपीठ में गुरुवार को भक्ति, संगीत और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से मंदिर परिसर स्थित सूर्यकुंड सरोवर पर भव्य संगीत संध्या, महाआरती और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायिका मांडवी जी ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। वहीं, सूर्यकुंड पर आयोजित महाआरती के दौरान हजारों दीपों और आकर्षक रोशनी ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। आधुनिक ध्वनि और प्रकाश तकनीक के माध्यम से देवीपाटन शक्तिपीठ के धार्मिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाया गया। इस अवसर पर माँ पाटेश्वरी की महिमा और मंदिर की गौरवशाली विरासत पर आधारित विशेष लघु फिल्म भी दिखाई गई।

कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ जी महाराज, विधान परिषद सदस्य साकेत जी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी, जिलाधिकारी विपिन जैन, पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवीपाटन शक्तिपीठ 51 प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती का बायां कंधा वस्त्र सहित गिरा था, जिसके कारण इस स्थान का नाम देवीपाटन और देवी का नाम पाटेश्वरी पड़ा। मंदिर को पातालेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है। लोक मान्यता के अनुसार, माता सीता ने इसी स्थान पर धरती में प्रवेश किया था।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देना तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। भक्ति, संगीत और आधुनिक तकनीक से सजे इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।


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