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उत्तर प्रदेश: सरकारी अस्पताल में प्रसव के नाम पर पैसे मांगने का आरोप, जांच की मांग तेज

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उत्तर प्रदेश  Published by: Amar Deep , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 25/07/2026 04:07:50 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 25/07/2026 04:07:50 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फर्रुखाबाद के सिविल अस्पताल लिंजीगंज से एक गंभीर मामला सामने आया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फर्रुखाबाद के सिविल अस्पताल लिंजीगंज से एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में प्रसव कराने के बाद मरीजों और परिजनों से कथित रूप से पैसे मांगने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ स्टाफ नर्स और वार्ड कर्मियों द्वारा बच्चा होने के बाद सुविधा के नाम पर रुपये की मांग की जाती है। जानकारी के अनुसार, सिविल अस्पताल लिंजीगंज में लंबे समय से इस तरह की अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव सेवाएं निशुल्क होने के बावजूद कुछ कर्मचारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों से कथित तौर पर 1500 से 3000 रुपये तक की मांग की जाती है।

आरोप है कि पैसे नहीं देने पर मरीजों और तीमारदारों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाता और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच रिपोर्ट और अन्य प्रक्रियाओं में भी लापरवाही बरती जाती है तथा मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं। बताया जा रहा है कि इस मामले से जुड़ी एक रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें कथित रूप से पैसे मांगने की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, रिकॉर्डिंग की सत्यता और पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में ही मरीजों से अवैध रूप से धन की मांग की जाएगी तो गरीब और जरूरतमंद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में अभी तक अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे में इस तरह के आरोप स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


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