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उत्तर प्रदेश: खनन सुधार को बढ़ावा केंद्र का 5000 करोड़ इनाम, तेज नीलामी करने वाले राज्यों को मिलेगा फायदा
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: केंद्र सरकार ने देश में खनन क्षेत्र (माइनिंग सेक्टर) को तेज करने और सुधारने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने शुक्रवार को खदानों (माइ निंग ब्लॉक) की नीलामी और उनके काम को जल्द से
विस्तार
उत्तर प्रदेश: केंद्र सरकार ने देश में खनन क्षेत्र (माइनिंग सेक्टर) को तेज करने और सुधारने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने शुक्रवार को खदानों (माइ निंग ब्लॉक) की नीलामी और उनके काम को जल्द से जल्द शुरू करने वाले राज्यों के लिए 5000 करोड़ रुपए के वित्तीय इनाम की घोषणा की है. यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि देश में खनिजों का उत्पादन तेजी से बढ़ सके. जो राज्य सबसे पहले और सबसे अच्छी तरह से काम करेंगे, उन्हें इस योजना का फायदा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सबसे पहले मिलेगा. यह एक अहम खबर है क्योंकि इससे राज्यों का विकास होगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. शुक्रवार को खनन मंत्रालय द्वारा इस बड़े फैसले की जानकारी दी गई. सरकार ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की सफलताओं को देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत 5000 करोड़ रुपए के इस भरी इनाम को शामिल किया गया है. मंत्रालय ने इसके लिए काम करने के दिशा- निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इस योजना का मुख्य मकसद खदानों का काम तेजी से शुरू करना, राज्यों की कमाई को बढ़ाना और खनन क्षेत्र के पूरे कामकाज और तकनीक को सुधारना है. इस योजना को सरकार ने तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा है.पहले हिस्से के तहत उन राज्यों को इनाम का पैसा दिया जाएगा जो खनन से जुड़े बड़े और जरूरी सुधारों को पूरा करेंगे. इसमें राज्यों को अपने डेटा को राष्ट्रीय खनन पोर्टल के साथ पूरी तरह से जोड़ना होगा. इसके अलावा राज्यों को हर साल खदानों की नीलामी का एक पूरा सालाना कैलेंडर भी प्रकाशित करना होगा ताकि सभी काम समय पर और सही तरीके से हो सकें. योजना के दूसरे हिस्से में सरकार ने नीलामी की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर जोर दिया है। इसके तहत उन राज्यों को वित्तीय इनाम दिया जाएगा जो बड़े खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी करेंगे. लेकिन इसमें एक बड़ी शर्त यह है कि इन खदानों के लिए जंगल, पर्यावरण और जमीन से जुड़ी सभी जरूरी मंजूरियां (क्लियरेंस) पहले से ही पूरी होनी चाहिए. इसमें नीलामी के बाद तुरंत काम शुरू करने में कोई भी रुकावट या देरी नहीं होगी. 5000 करोड़ रुपए की इस भारी- भरकम योजना के तीसरे और आखिरी हिस्से में राज्यों के काम और प्रदर्शन को एक पैमाने के जरिए मापा जाएगा. खनन मंत्रालय ने बताया है कि तीसरे हिस्से के तहत इनाम की रकम सीधे तौर पर स्टेट माइनिंग रीडीनेस इंडेक्स के तहत किए गए प्रदर्शन से जुड़ी होगी.जो राज्य इस पैमाने पर जितना अच्छा प्रदर्शन करेगा और खनन के लिए खुद को जितना ज्यादा तैयार रखेगा, उसे उसी आधार पर केंद्र सरकार की तरफ से इनाम का यह पैसा दिया जाएगा।
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