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उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में साइबर ठगी की पूरी रकम वापस, पीड़ित को मिले 36,498 रुपये
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर जिले में साइबर ठगी के एक मामले में दुधारा पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित की पूरी ठगी की रकम वापस करा दी।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर जिले में साइबर ठगी के एक मामले में दुधारा पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित की पूरी ठगी की रकम वापस करा दी। पुलिस के प्रयास से साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 36,498 रुपये पीड़ित के खाते में वापस पहुंच गए। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस टीम के प्रति आभार जताया। जानकारी के अनुसार बसडीला निवासी मसऊद रजा ने 1 सितंबर 2026 को साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी दर्ज करने के बाद उसके खाते से 36,498 रुपये का भुगतान हो गया। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही थाना दुधारा पुलिस सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष अमित कुशवाहा के निर्देशन में साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने समय रहते संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर ठगी की रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वय के चलते ठगी की पूरी रकम को सुरक्षित कराया गया। इसके बाद पुलिस के प्रयास से पीड़ित के 36,498 रुपये उसके खाते में वापस करा दिए गए। रकम वापस मिलने के बाद मसऊद रजा ने उत्तर प्रदेश पुलिस और थाना दुधारा की साइबर हेल्प डेस्क का आभार जताया। पुलिस ने साइबर अपराध से बचाव को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। इसके अलावा बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अनिल मिश्रा, कांस्टेबल ऋषिकेश यादव, कांस्टेबल अनुज कुमार, रिक्रूट कांस्टेबल हर्ष सिंह और महिला रिक्रूट कांस्टेबल एकता सिंह शामिल रहे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को उसकी पूरी धनराशि वापस मिल गई।
