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उत्तर प्रदेश: मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज जमीन घोटाले में जांच तेज, कई नए नाम आए रडार पर
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की बेशकीमती जमीन के खेल में अब बड़ा खुलासा होने जा रहा है। पुलिस ने जमीन खरीदने वाली फर्म के साझीदारों की पूरी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। लीज के जरिए करोड़ों की
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की बेशकीमती जमीन के खेल में अब बड़ा खुलासा होने जा रहा है। पुलिस ने जमीन खरीदने वाली फर्म के साझीदारों की पूरी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। लीज के जरिए करोड़ों की जमीन को कौड़ियों में देने के मामले में अब होटल कारोबारी, एडवोकेट समेत सभी पार्टनर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब बढ़ेंगे नाम, हर आरोपी आएगा रडार पर कोतवाली पुलिस अब मुकदमे में नए नाम जोड़ने की तैयारी में है। संबंधित विभागों से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं और फर्म के खातों की भी जांच होगी। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने साफ कहा कि जो भी इस पूरे खेल में शामिल पाया जाएगा, उसका नाम मुकदमे में जोड़ा जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी। अभी मुकदमे में हरीश अरोड़ा का नाम है। इसके अलावा एक होटल कारोबारी और उनके पार्टनर्स रामबाबू सिंह और रविंदर का नाम भी मुकदमे में शामिल किया जा रहा है। आरोप है कि कॉलेज की बेशकीमती जमीन को बेहद कम कीमत पर लीज पर देकर बड़ा खेल किया गया। इसके बाद शहर के बीचोंबीच इस जमीन पर चहारदीवारी खड़ी कर कब्जा कर लिया गया। लंबे समय तक प्रशासन और सिस्टम की चुप्पी ने इस खेल को और आसान बना दिया। खेल मैदान पर दीवार, छात्राओं का भविष्य प्रभावित कॉलेज के खेल मैदान की करीब 610 वर्गमीटर जमीन पर कब्जे के चलते छात्राओं की खेलकूद गतिविधियां पूरी तरह बाधित हो गईं। जानकारी के मुताबिक इस जमीन पर शॉपिंग मॉल बनाने की भी तैयारी है, जिससे पढ़ाई और खेल दोनों प्रभावित होते। मामले के एक आरोपी सुनील मसीह पर पहले से ही धोखाधड़ी और डकैती जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क की गहराई सामने आ सके। बरेली के कुछ अधिकारी करते रहे मैनेजमेंट और करवाते रहे कब्जा फरवरी 2024 में एक नेता और अधिवक्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी, लेकिन लंबे समय तक मामला दबा रहा। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। लंबे समय से चर्च की जमीन की बंदरबाट करने वाले ईसाई मिशनरीज के आरोपी अधिकारियों को इस बार भू माफिया बचा नहीं पाएंगे और उन्हें बचाने की कोशिश में उनके भी हाथ झुलस जाएंगे। इसमें बरेली के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं जो मैनेजमेंट करते रहे और कब्जा करवाते रहे।
पुलिस ने जब जीएसटी विभाग से जानकारी जुटाई तो जमीन खरीदने वाली फर्म क्षितिज इंटरप्राइजेज के साझीदारों की असली तस्वीर सामने आ गई। अब तक रिपोर्ट में केवल एक नाम सिविल लाइंस में इमेज इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक हरीश अरोड़ा का सामने था, लेकिन जांच में सामने आया कि फर्म में कई अन्य साझीदार भी शामिल हैं। पुलिस का साफ मानना है कि लीज फर्म के नाम हुई है, इसलिए जिम्मेदारी सभी साझीदारों की बनती है।
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