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उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में अब जीएनएसएस रोवर तकनीक से होगी भूमि की पैमाइश, 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 01/07/2026 12:09:30 pm Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 01/07/2026 12:09:30 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित और सटीक निस्तारण के लिए अब जीएनएसएस (GNSS) रोवर तकनीक से भूमि का सीमांकन किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित की गई।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित और सटीक निस्तारण के लिए अब जीएनएसएस (GNSS) रोवर तकनीक से भूमि का सीमांकन किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक भूमि की पैमाइश परंपरागत तरीके से जरीब (चेन) के माध्यम से की जाती थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने आधुनिक तकनीक अपनाते हुए 1 जुलाई 2026 से प्रदेशभर में जीएनएसएस रोवर तकनीक के माध्यम से भूमि का सीमांकन कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) पर आधारित है, जिससे भूमि की पैमाइश अधिक सटीक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होगी। इसके माध्यम से भूमि विवादों के निस्तारण में तेजी आएगी और माप में त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की सभी तहसीलों को एक-एक जीएनएसएस रोवर उपलब्ध करा दिया गया है तथा राजस्व अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। 1 जुलाई से प्रत्येक तहसील में एक-एक खेत की पैमाइश इस नई तकनीक से कराई जाएगी। साथ ही पुराने तरीके से हुई पैमाइश का मिलान भी किया जाएगा, ताकि दोनों प्रणालियों का तुलनात्मक आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक भूमि सीमांकन के लिए जरीब, फीता, चुंबकीय सूई, मापक छड़, झंडियां और अन्य पारंपरिक उपकरणों का उपयोग किया जाता था, जिससे कार्य में अधिक समय लगता था और कई बार माप की गुणवत्ता भी प्रभावित होती थी। नई तकनीक से यह प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और समयबद्ध होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-24 एवं उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम-22 के तहत निर्धारित प्रावधानों का पालन करते हुए जीएनएसएस रोवर के माध्यम से भूमि सीमांकन का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से भूमि संबंधी विवादों के समाधान में तेजी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों एवं आम नागरिकों को अधिक सुविधा मिलेगी।


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