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उत्तर प्रदेश: अल्फा-1 में पीजी संचालन को लेकर उठे बड़े सवाल, साफ-सफाई और देर रात की गतिविधियों पर कार्रवाई की हुई मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा अल्फा-1 सेक्टर में संचालित हो रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) को लेकर स्थानीय निवासी और समाजसेवी मनीष डावर ने प्रशासन तथा आरडब्ल्यूए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा अल्फा-1 सेक्टर में संचालित हो रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) को लेकर स्थानीय निवासी और समाजसेवी मनीष डावर ने प्रशासन तथा आरडब्ल्यूए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सेक्टर में बड़ी संख्या में पीजी संचालित होने के कारण साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और देर रात होने वाली गतिविधियों को लेकर निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। मनीष डावर के अनुसार, अल्फा-1 में 80 से अधिक मकानों में पीजी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों के तहत पीजी चलाने की अनुमति किन नियमों के अंतर्गत दी गई है। उन्होंने एक मकान में कई मंजिलों पर बड़ी संख्या में कमरे बनाकर पीजी चलाए जाने का उदाहरण देते हुए संबंधित निर्माण और संचालन की अनुमति की जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पीजी में रहने वाले लोगों द्वारा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाया जाता है। साथ ही, देर रात तेज आवाज में संगीत बजाने, तेज गति से वाहन चलाने, सार्वजनिक स्थानों पर शराब और हुक्का पीने तथा पार्कों में अनुचित गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आती हैं। डावर का कहना है कि इन समस्याओं से सेक्टर के निवासियों, विशेषकर परिवारों को असुविधा होती है। मनीष डावर ने बताया कि वह पीजी संचालकों से कई बार साफ-सफाई बनाए रखने और निवासियों के लिए नियम तय करने का अनुरोध कर चुके हैं। उन्होंने मांग की कि पीजी संचालक कचरा निस्तारण, रात्रिकालीन अनुशासन और सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम बनाएं तथा उनका पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रशासन और आरडब्ल्यूए से पीजी के संचालन, निर्माण और व्यावसायिक उपयोग से जुड़े नियमों की जांच करने तथा शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। डावर ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वह अल्फा-1 में संचालित पीजी के पते और तस्वीरों के साथ प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपेंगे।
