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उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर में ‘जूते मार होली’ की अनोखी परंपरा, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर में दुनिया की सबसे अनोखी जूते मार होली खेली जाती है। और यहां होली के दिन भैंसा गाड़ी लॉट साहब को बैठकर जूते मारते हुए पूरे शहर में घुमाया जाता है जिसमें जमकर हुड़दंग होता है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर में दुनिया की सबसे अनोखी जूते मार होली खेली जाती है। और यहां होली के दिन भैंसा गाड़ी लॉट साहब को बैठकर जूते मारते हुए पूरे शहर में घुमाया जाता है जिसमें जमकर हुड़दंग होता है। होली से एक 10 दिन पहले ही शाहजहांपुर की 60 से ज्यादा मस्जिदों और मजरों को तिरपाल से पूरी तरह से ढक दिया जाता है। ताकि कोई मस्जिदों पर रंग ना डाल सके और माहौल को खराब ना कर सके। इसके लिए मस्जिदों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की भी बात कही जा रही है। दरअसल शाहजहांपुर में जूते मार होली खेली जाती है और लगभग 7 किलोमीटर लंबा एक जुलूस निकाला जाता है। इस जुलूस में भैंसा गाड़ी पर लाट साहब को बैठाया जाता है। उसको जूतों और झाड़ू से पीटते हुए पूरे शहर में घुमाया जाता है। इस जुलूस में हजारों की संख्या में लोग होते हैं। माहौल न बिगड़े जिसको लेकर जिला प्रशासन मस्जिदों और मजारों को तिरपाल से ढक देते हैं। ताकि उन पर कोई रंग ना पड़ सके और माहौल खराब ना हो सके हालांकि मुस्लिम समुदाय के लोग जिला प्रशासन के इस कदम का समर्थन नही करता है मुस्लिम समुदाय का कहना है कि अगर मस्जिदों पर बड़ी तादाद में फोर्स लगाया जा रहा है तो फिर मस्जिदें क्यों ढकी जाती हैं उनके धार्मिक स्थल पर कोई क्यों रंग डालेगा। साथ ही उनका कमयह भी कहना है कि रमजान का पाक महीना चल रहा है जिसके चलते लोग मस्जिदों में इबादत करने के लिए आते हैं। वही उनका यह भी कहना है कि जिला प्रशासन मुसलमानों की आवाज को लगातार दबाने की कोशिश कर रहा है फिलहाल प्रशासन का कहना है कि खुफिया विभाग की टीम धार्मिक स्थलों की निगरानी करेगी और ड्रोन के जरिए भी धार्मिक स्थलों की निगरानी की जाएगी। मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ पीस मीटिंग के जरिए उनकी सहमति ले ली गई है। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि धार्मिक स्थल सुरक्षित है और शांति पूर्ण डंग से होली मनायी जाएगी। शाहजहांपुर पूरे देश में अकेला एक एहसास शहर है जहां मस्जिदों को पूरी तरीके से तिरपाल से ढक दिया जाता है। प्रशासन का मानना है कि यहां निकलने वाली अनोखी जूते मार होली का जुलूस भी शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाए। और धार्मिक स्थल भी सुरक्षित रहे। फिलहाल एक तरफ जिला प्रशासन अपनी तैयारी को पूरी कर चुका है तो वही मुस्लिम समुदाय मस्जिद ढके जाने से बेहद नाराज नजर आता है।