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उत्तर प्रदेश: सड़क हादसों की जांच सख्त, तीन या अधिक मौतों पर स्पेशल रिपोर्ट अनिवार्य

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 18/04/2026 10:33:00 am Share:
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  • Published by.: Anand Kumar ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 18/04/2026 10:33:00 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटना में तीन या उससे अधिक मौतें होने पर उसे स्पेशल केस रिपोर्ट मानते हुए पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी होगी।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटना में तीन या उससे अधिक मौतें होने पर उसे स्पेशल केस रिपोर्ट मानते हुए पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी होगी। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने इस बाबत दिशा निर्देश जारी करने के साथ ऐसे मामलों की जांच में वरिष्ठ अधिकारियों को विवेचकों का सहयोग करने को कहा है, ताकि दोषियों को दंडित कराया जा सके। यह कवायद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत कमी लाने के शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुपालन में की गई है। दरअसल, ऐसे मामलों की जांच में सामने आया है कि इनकी विवेचना को अपेक्षित महत्व नहीं दिया जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण के अभाव में विवेचनाओं की कमियों की वजह से मृतिको के आश्रितों को बीमा का भुगतान मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीजीपी ने ऐसे प्रकरणों की विवेचना में कुछ बिंदुओं का खास ध्यान रखना को कहा है, जिनमे विवेचना के दौरान वाहन स्वामी और चालक का सही नाम- पता केस डायरी में दर्ज करना, वाहन का नियम विरुद्ध मॉडिफिकेशन, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण और रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण एवं वैधता का केस डायरी में जिक्र करना आदि शामिल है।

 

विभागीय अधिकारियों को कई बिंदुओं पर ध्यान रखना होगा, जैसे दुर्घटना का कारण क्या रहा है, जैसे तीव्र मोड़, सड़क का खराब होना, अवैध कट होना आदि तथा दुर्घटना के समय चालक का शराब या अन्य मादक पदार्थ का सेवन करना. उसका मेडिकल कराना। वाहन चालक के लाइसेंस के निस्तारीकरण की करवाई और उसका विवरण के स डायरी में दर्ज करना होगा। इसके साथ ही आरसी निरस्तीकरण और निलंबन की रिपोर्ट देना होगा। परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर निरस्तीकरण की रिपोर्ट देनी होगी। वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का होना अथवा नहीं तथा वाहन स्वामी का मोबाइल नंबर वाहन के विवरण में अपडेट होना शामिल है। इसके अलावा वाहन का तकनीकी परीक्षण निरीक्षक, उप निरीक्षक एम टी द्वारा मौके पर जाकर करना, दुर्घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी चेक करना तथा ओवर स्पीड, ओवरलोड आदि की जानकारी लेना होगा। इसके साथ ही नए आदेश में कहा गया है कि भारी वाहन अपने साइड में चल रहा था कि नहीं, सीट बेल्ट और हेलमेट धारण किया था कि नहीं तथा दुर्घटना स्थल पूर्व में ब्लैक स्पॉट चिन्हित था कि नहीं अगर चिन्हित था तो संबंधित विभाग ने क्या सुधार किया इसके अलावा अन्य दिशा- निर्देश शामिल हैं।