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वेस्ट बंगाल: भरोसे का कत्ल ‘घर के बेटे’ ने ही रची हत्या की साज़िश, मगर जज़्बे ने दिलाई इंसाफ
- Photo by : social media
संक्षेप
वेस्ट बंगाल: संदीप घर का रोज़ का मेहमान थायूं कहें तो घर का बेटा। तो, लड़की ने पक्के भरोसे के साथ उसे गहने देने में ज़रा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। फिर अचानक और बेरहमी से हमला हुआ। संदीप गहने चोरी के गवाह को ज़िंदा नहीं रखना चाहता था। ले
विस्तार
वेस्ट बंगाल: संदीप घर का रोज़ का मेहमान थायूं कहें तो घर का बेटा। तो, लड़की ने पक्के भरोसे के साथ उसे गहने देने में ज़रा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। फिर अचानक और बेरहमी से हमला हुआ। संदीप गहने चोरी के गवाह को ज़िंदा नहीं रखना चाहता था। लेकिन सीधे उस पर हमला किए बिना, संदीप ने लड़की से कहा कि वह तैरने के लिए उसकी गर्दन की मसल्स मज़बूत करने की एक्सरसाइज़ करेगा। और इसी बहाने उसने उसके गले में तौलिया लपेट दिया। लड़की को विरोध करने का ज़रा भी मौका नहीं मिला। वह बेहोश हो गई। मौत पक्की करने के लिए, संदीप ने लड़की की गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया और घर का दरवाज़ा बंद करके भाग गया। लेकिन मन की ताकत भी कमाल की चीज़ है! उसका पूरा शरीर खून से लथपथ था, और उसी हालत में लड़की को होश आया। वह पूरी ताकत लगाकर खड़ी हुई और दरवाज़ा खोलकर अपनी आंटी को देखा। लड़खड़ाते हुए उसने उन्हें गले लगा लिया। फिर उसने हॉस्पिटल, पुलिस स्टेशन वगैरह में शिकायत की। लड़की के लिखे हुलिए और फोटो के आधार पर, संदीप को 19 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया। आटे की बोरी में छिपाए गए गहने भी बरामद कर लिए गए। वे लड़की के खींचे गए फोटो से मेल खाते थे। सौरव ने OC कांतिमोय बिस्वास की लगातार निगरानी में सिर्फ़ 45 दिनों में कोर्ट में चार्जशीट जमा कर दी। घटना के एक साल से भी कम समय बाद पिछले हफ़्ते ट्रायल खत्म हुआ। कोर्ट ने आरोपी संदीप साव को दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई। लड़की की लगातार लड़ाई सही साबित हुई है।