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मध्य प्रदेश: डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर बड़ा फैसला, मिशन महाराजा बलि सेना में महिलाओं को शीर्ष जिम्मेदारी
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: देवास सामाजिक न्याय की मशाल जलाए रखने वाले संगठन मिशन महाराजा बलि सेना ने आज एक ऐतिहासिक गौरव हासिल किया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: देवास सामाजिक न्याय की मशाल जलाए रखने वाले संगठन मिशन महाराजा बलि सेना ने आज एक ऐतिहासिक गौरव हासिल किया है। इस अवसर था भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती का और इस पावन मौके पर मंच को संबोधित करते हुए। संगठन के संस्थापक राहुल नवरंग ने एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने पूरे समाज में नई ऊर्जा भर दी है। राहुल नवरंग ने सबसे पहले बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसी गरिमामयी मंच से उन्होंने दलित समुदाय की दो प्रखर बेटियों नेहा जाटव को राष्ट्रीय अध्यक्ष और नंदनी वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त कर बाबा साहब के सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। वंशवाद के खिलाफ राहुल नवरंग की ऐतिहासिक घोषणा मंच से कार्यकर्ताओं के भारी सैलाब को संबोधित करते हुए राहुल नवरंग ने विरोधियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में एलान किया कि मेरे जीवित रहते इस संगठन का उत्तराधिकारी मेरे परिवार या घर का कोई भी सदस्य कभी नहीं बनेगा। राहुल नवरंग ने स्पष्ट किया कि यह मिशन किसी व्यक्ति या खानदान की जागीर नहीं है। बल्कि यह बाबा साहब के उन अनुयायियों का है, जो समाज के हक और हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने परिवारवाद पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि संगठन में केवल योग्यता और समर्पण को ही सम्मान मिलेगा। पिता की याद और स्वास्थ्य कारणों से भावुक हुए राहुल नवरंग अपने संबोधन के दौरान राहुल नवरंग अपने पिता स्वर्गीय बाबू सिंह नवरंग के संघर्षों को याद कर भावुक हो उठे उन्होंने नम आँखों से समाज को बताया कि पिछले कुछ समय से उनका और उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, जिसके कारण वे संगठन के कार्यों में वह सक्रियता नहीं दिखा पा रहे थे, जो आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज इस महत्वपूर्ण मोड़ पर उन्हें अपने पिता की बहुत याद आ रही है। क्योंकि उन्हीं के आशीर्वाद से वे समाज की सेवा कर पा रहे हैं मिशन का कार्य और सामाजिक न्याय की यह लड़ाई कभी कमजोर न पड़े इसी निस्वार्थ भावना से उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में नेहा जाटव के नाम की घोषणा की। राहुल नवरंग ने इस नियुक्ति के जरिए उन लोगों को भी शांत कर दिया है, जो पिछले कुछ समय से इस निर्णय का विरोध कर रहे थे। बाबा साहब की जयंती के अवसर पर दलित समाज की महिलाओं को संगठन के शीर्ष पदों पर बैठाकर उन्होंने सामाजिक बराबरी का एक नया उदाहरण पेश किया है उन्होंने साबित कर दिया है कि वे न झुकेंगे और न ही अपने सिद्धांतों से समझौता करेंगे। इस घोषणा के बाद पूरे पंडाल में खुशी की लहर दौड़ गई, उपस्थित हजारों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने नेहा जाटव और नंदनी वर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी साथ ही सभी ने एक स्वर में संस्थापक राहुल नवरंग का धन्यवाद किया कि उन्होंने त्याग और समर्पण की राजनीति को चुनकर समाज की बेटियों का मान बढ़ाया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल नवरंग के इस साहसिक निर्णय से संगठन अब पूरे देश में एक नई ताकत बनकर उभरेगा।
कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न और जताया आभार
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