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मध्य प्रदेश: पोरसा मुक्तिधाम में जीवन चक्र दर्शाने वाली मूर्तियां 15 अप्रैल तक स्थापित होंगी
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: पोरसा अक्सर कहा जाता है कि जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन इंसान इसे समझते हुए भी भूल जाता है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: पोरसा अक्सर कहा जाता है कि जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन इंसान इसे समझते हुए भी भूल जाता है। इसी सत्य को याद दिलाने के लिए पोरसा के मुक्तिधाम में एक अनूठी पहल की जा रही है। यहां जन्म से लेकर युवावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था और अंततः मृत्यु तक के पूरे जीवन चक्र को दर्शाने वाली मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि व्यक्ति जब जन्म लेता है तो खाली हाथ आता है और मृत्यु के समय भी कुछ साथ नहीं ले जाता। केवल उसके कर्म ही उसके साथ जाते हैं, जो अगले जन्म का आधार बनते हैं। इसी गूढ़ संदेश को सरल और प्रभावी रूप में प्रस्तुत करने के लिए मुक्तिधाम सेवा समिति द्वारा यह विशेष कार्य किया जा रहा है। समाजसेवी डॉ. अनिल गुप्ता के सहयोग से जनभागीदारी के माध्यम से इन मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। इन मूर्तियों के जरिए यह दिखाया जाएगा कि कैसे एक इंसान शैशव अवस्था से आगे बढ़ते हुए युवा, फिर प्रौढ़ और वृद्ध होता है, और अंत में मृत्यु को प्राप्त होता है। मुक्तिधाम वह स्थान होता है, जहां व्यक्ति अंतिम संस्कार में शामिल होकर कुछ समय के लिए जीवन की सच्चाई को गहराई से महसूस करता है। उस समय उसे यह एहसास होता है कि जीवन में किए गए कर्म ही सबसे महत्वपूर्ण हैं और अंत समय में वही साथ जाते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही व्यक्ति मुक्तिधाम से बाहर निकलता है, वह इन बातों को भूलकर फिर से भौतिक दौड़-भाग और धन-संपत्ति जुटाने में लग जाता है। इसी मानवीय प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है, ताकि हर आने-जाने वाला व्यक्ति इन मूर्तियों को देखकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझ सके और अपने आचरण को बेहतर बना सके। मुक्तिधाम सेवा समिति का मानना है कि यह प्रयास समाज में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जन्म मृत्यु की सा मूर्तियां ग्वालियर में बना रही हैं, जिनकी लागत ₹700000 आई है उक्त मूर्तियां ग्वालियर में मूर्ति कलाकार श्याम कुशवाह बना रहे हैं। आगामी 15 अप्रैल को मूर्तियां मुक्तिधाम में स्थापित हो जाएंगी। उक्त मूर्तियों का अंबा के समाज सेवीअजय कुमार गुप्ता द्वारा पूरा भुगतान किया गया है। अम्बाह के समाजसेवी अजय कुमार गुप्ता कई बार मुक्तिधाम में भ्रमण कर चुके हैं मुक्तिधाम में स्थित मूर्तियों को देखकर उनके दिमाग में यह उपज पैदा हुई कि इस मूर्ति धाम मुक्तिधाम में जन्म से लेकर मृत्यु तक की मूर्तियां भी स्थापित होनी चाहिए तब उन्होंने डॉक्टर अनिल गुप्ता से बातचीत की और अनिल गुप्ता जी को प्रपोजल दिया कि उक्त मूर्तियां का निर्माण आप करवाइए उसका पूरा भुगतान करूंगा और उन्होंने ग्वालियर में भुगतान कर दिया है।
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