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ओडिशा: इन्द्रद्युम्न तालाब स्थित मां यज्ञेश्वरी मंदिर परिसर में विद्वानों ने रखे विचार

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ओडिशा  Published by: Laxminarayan Pathi , Date: 14/02/2026 11:03:41 am Share:
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  • 14/02/2026 11:03:41 am
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संक्षेप

ओडिशा: अन्तर्जातीय श्रीजगन्नाथ चेतना अनुष्ठान और विवेकानंद युवा शक्ति संगठन, पुरी की संयुक्त तत्वावधान में इन्द्रद्युम्न तालाब संलग्न माॅ यंज्ञेश्वरी मंदिर परिसर पर 13 फरवरी को अष्टवक्र गीता को लेकर एक आलोचनात्मक वैठक का आयोजन हुआ । चेतना अनुष्ठान की अध्यक्ष

विस्तार

ओडिशा: अन्तर्जातीय श्रीजगन्नाथ चेतना अनुष्ठान और विवेकानंद युवा शक्ति संगठन, पुरी की संयुक्त तत्वावधान में इन्द्रद्युम्न तालाब संलग्न माॅ यंज्ञेश्वरी मंदिर परिसर पर 13 फरवरी को अष्टवक्र गीता को लेकर एक आलोचनात्मक वैठक का आयोजन हुआ । चेतना अनुष्ठान की अध्यक्ष सेवानिवृत्त प्राध्यापक सुकान्त कुमार महांति ने इस वैठक में अध्यक्षता की । इसमें योगदान देते हुए श्रीमंदिर की मुख्य पुरोहित डाक्टर सिद्धेश्वर महापात्र ने आज की परिस्थिति में अष्टवक्र गीता की प्रासंगिकता को लेकर एक सारांशित आलोचना की ।  पुर्व प्रोफेसर प्यारीमोहन महापात्र ने पुराण युग की जनक राजा और अष्टवक्र साधु के वीच आलोचना को समझाते हुए आत्मज्ञान प्राप्ति व आनंद प्राप्ति की मार्ग के वारे में वताया । अन्य सदस्यों में सुधांशुशेखर राजगुरु,पुर्व प्रोफेसर प्रभात रंजन महापात्र, पुर्व प्रोफेसर महेश्वर दास और पुर्व अध्यक्ष सूरत कुमार स्वाइँ अष्टवक्र गीता की विभिन्न अध्याय की विश्लेषण किए । 

वैठक में यह भी सर्वसम्मत निर्णय हुआ कि आने वाले दिन में  हर महिना वैठक की आयोजन होता रहेगा । रामकृष्ण मिशन परिचालन समिति की सदस्य धनंजय दास और मणिराम को वैठक की प्रस्ताव लिखित रूप देने को जिम्मेदारी सौंपा गया । अन्य सदस्यों में डाक्टर श्रीकांत पंडा,अध्यापक सुशांत कुमार नायक,पीताम्बर महापात्र, सुकान्त कुमार साह,संतोष कुमार साहु,पुर्व अध्यापक विश्वजीत दास,संतोष कुमार महांति,कुलमणि दोरा,चंदन वारिक,सत्य नारायण वेहेरा और राकेश कुमार पलेइ इस वैठक मे सामिल होकर आलोचना में भाग लिए  । अनुष्ठान की सचिव डाक्टर मनोज कुमार सामंतराय सभा में उपस्थित सवको धन्यवाद ज्ञापन की । आखिर में प्रोफेसर प्रभात रंजन महापात्र शांतिपाठ किया ।