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राजस्थान: श्मशान घाट की बदली तस्वीर, फूलों और हरियाली से महका परिसर
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: आमतौर पर श्मशान घाटों को उपेक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन सोनकच्छ क्षेत्र के एक गांव में ग्राम पंचायत ने इस सोच को बदलने का सराहनीय प्रयास किया है।
विस्तार
राजस्थान: आमतौर पर श्मशान घाटों को उपेक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन सोनकच्छ क्षेत्र के एक गांव में ग्राम पंचायत ने इस सोच को बदलने का सराहनीय प्रयास किया है। यहां श्मशान घाट को फूलों और हरियाली से सजाकर एक सुंदर बगीचे का रूप दिया गया है। इस अनूठी पहल की ग्रामीणों सहित आसपास के लोगों द्वारा भी जमकर सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी श्मशान घाट को इस तरह फूलों से सजा और व्यवस्थित रूप में देखा है। पहले जहां यह स्थान सूना और वीरान नजर आता था, वहीं अब रंग-बिरंगे फूल, हरे-भरे पौधे और स्वच्छ वातावरण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। गांव के लोगों का मानना है कि इस पहल से श्मशान घाट की गरिमा बढ़ी है और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिल रहा है। ग्राम सरपंच घनश्याम पटेल ने बताया कि उनका सपना था कि अपने कार्यकाल में गांव के श्मशान घाट को एक ऐसा स्वरूप दें, जहां स्वच्छता, हरियाली और सुंदरता का अनूठा संगम दिखाई दे। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार स्थल भी सम्मान और सुव्यवस्थित वातावरण का हकदार है। इसी सोच के साथ पंचायत ने श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया और आज यह सपना साकार हो गया है। सरपंच ने इस कार्य की सफलता का श्रेय क्षेत्रीय विधायक राजेश सोनकर और सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के सहयोग के साथ-साथ ग्रामीणों की सहभागिता को भी दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और गांव के लोगों के सामूहिक प्रयास से ही यह कार्य संभव हो सका। श्मशान घाट को सुंदर बनाने में पूर्व सरपंच ओंकार सिंह चौधरी, गोपाल सिंह चौधरी, बलराम पटेल, करण मालवी, महेश मालवी सहित अनेक ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्राम पंचायत ने केवल फूलों के पौधे लगाने तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और परिसर की साफ-सफाई की भी व्यवस्था की है। पंचायत का उद्देश्य है कि यह हरियाली लंबे समय तक बनी रहे और यह स्थान स्वच्छ एवं प्रेरणादायक बना रहे। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल अन्य गांवों के लिए भी मिसाल है। यदि प्रत्येक पंचायत अपने सार्वजनिक स्थलों का इसी तरह सौंदर्यीकरण करे तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। श्मशान घाट में विकसित यह फूलों का बगीचा न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है, बल्कि यह दर्शाता है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी स्थान को सुंदर और प्रेरणादायक बनाया जा सकता है।
