Contact for Advertisement 9650503773


राजस्थान: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात, शदाणी दरबार में किए दर्शन

- Photo by : SOCIAL MEDIA

राजस्थान  Published by: Manoj Kumar Chordiya , राजस्थान  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 23/10/2026 10:52:02 am Share:
  • राजस्थान
  • Published by.: Manoj Kumar Chordiya ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 23/10/2026 10:52:02 am
Share:

संक्षेप

राजस्थान: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर श्री देवनानी ने मुख्यमंत्री श्री

विस्तार

राजस्थान: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर श्री देवनानी ने मुख्यमंत्री श्री साय का पुष्प गुच्छ भेंट कर और दुपट्टा पहनाकर अभिनन्दन किया। श्री साय ने भी श्री देवनानी का दुपट्टा ओढाकर और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों के मध्य विभिन्न विषयों और मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान आपसी संवाद एवं समन्वय के साथ विभिन्न समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। यह भेंट आत्मीय संबंधों एवं परस्पर सहयोग की भावना को दर्शाती है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान रायपुर स्थित पूज्य शदाणी दरबार पहुंचकर दर्शन किए। शदाणी दरबार के नवम पीठाधीश्वर परम पूज्य संत श्री युधिष्ठिर लाल से भेंट स्पीकर श्री देवनानी ने भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर पर संत श्री युधिष्ठिर लाल ने स्पीकर श्री देवनानी का अभिवादन किया।

आध्यात्मिक वातावरण में हुई इस भेंट के दौरान श्री देवनानी की संतों से सेवा, सत्संग, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
स्पीकर श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि शदाणी दरबार ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है। यह पावन स्थल सेवा, सत्संग, आध्यात्मिक साधना एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से यहां समाज में सद्भाव, सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसकी मूल नींव संत श्री शदाराम साहिब ‌द्वारा रखी गई है। इस तीर्थ की परम्परा लगभग सवा सौ साल से अधिक पुरानी है। इस परिसर में रामायण व महाभारत की कथाओं को दर्शाती हुई सुंदर प्रतिभाएं, संगीतमय फव्वारे और खूबसूरत बगीचा मौजूद है।  इस अवसर पर इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी, छत्तीसगढ की पूर्व मंत्री श्रीमती निर्मला वाधवानी, श्री सुरेश खत्री सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।