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उत्तर प्रदेश: बजरंग दल जिला प्रमुख मोनू बिश्नोई गौ हत्या में शामिल, जाने पूरा मामला ?
उत्तर प्रदेश: बजरंग दल जिला प्रमुख मोनू बिश्नोई गौ हत्या में शामिल, जाने पूरा मामला ? - Photo by : Ncr Samachar
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद में बजरंग दल का जिला प्रमुख सुमित उर्फ मोनू विश्नोई 'बजरंगी' 3 साथियों समेत गोकशी के मामले में पकड़ा गया है। मोनू विश्नोई ने ये साजिश छजलैट के एसएचओ को हटवाने के लिए रची थी। लेकिन पुलिस के इलेक्ट्रानिक सर्विलांस में वो धरा गया। उसके दो साथी अभी भी फरार हैं। SSP ने दोनों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया है। सुमित उर्फ मोनू विश्नोई मुरादाबाद जिले के छजलैट थाना प्रभारी पर मनचाहे काम कराने के लिए प्रेशर बना रहा था। एसएचओ के इंकार कर देने पर उसने उसे हटवाने की ठान ली थी। मोनू ने प्लानिंग के तहत छजलैट क्षेत्र में 15 दिन के भीतर 2 स्थानों पर गायों के अवशेष फिंकवाए थे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद में बजरंग दल का जिला प्रमुख सुमित उर्फ मोनू विश्नोई 'बजरंगी' 3 साथियों समेत गोकशी के मामले में पकड़ा गया है। मोनू विश्नोई ने ये साजिश छजलैट के एसएचओ को हटवाने के लिए रची थी। लेकिन पुलिस के इलेक्ट्रानिक सर्विलांस में वो धरा गया। उसके दो साथी अभी भी फरार हैं। SSP ने दोनों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया है। सुमित उर्फ मोनू विश्नोई मुरादाबाद जिले के छजलैट थाना प्रभारी पर मनचाहे काम कराने के लिए प्रेशर बना रहा था। एसएचओ के इंकार कर देने पर उसने उसे हटवाने की ठान ली थी। मोनू ने प्लानिंग के तहत छजलैट क्षेत्र में 15 दिन के भीतर 2 स्थानों पर गायों के अवशेष फिंकवाए थे। मोनू ने कांवड़ पथ पर भी गाय कटवाकर उसके अवशेष फिंकवाए थे। इसके बाद वो थाना क्षेत्र में गोकशी की घटनाएं बढ़ने का हवाला देकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ छजलैट थाने पर धरना प्रदर्शन करने भी पहुंच गया था। वो लगतार यही मांग कर रहा था कि गोकशी रोकने में नाकाम छजलैट के थाना प्रभारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। 16 जनवरी को कांवड़ पथ पर मिले थे गाय के अवशेष 29 जनवरी को फिर कटी गाय,मौके पर लोअर में मिला पर्स छजलैट एसओ को हटाने के लिए बजरंग दल का प्रदर्शन इन दो घटनाओं के सामने आने के बाद बजरंग दल के जिला प्रमुख सुमित उर्फ मोनू विश्नोई ने 30 जनवरी को छजलैट एसओ को हटाने के लिए छजलैट थाने का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ छजलैट थाने पर धरना देने पहुंचे मोनू विश्नोई ने तत्काल छजलैट थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग की। प्रदर्शन करने वाले बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि छजलैट क्षेत्र में गोकशी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसलिए छजलैट के थाना प्रभारी को सस्पेंड किया जाए। SSP ने गठित की उच्च स्तरीय टीम लोअर में मिले मोबाइल नंबरों से जुड़ती गईं कड़ियां शाहबुद्दीन बोला- बजरंग दल नेता के कहने पर काटी गाय जंगल में घूम रही गाय को काटकर कांवड़ पथ पर फेंका था शाहबुद्दीन ने पुलिस को बताया, मैंने और मेरे भाई जमशेद तथा नईम ने इन तीनों के कहने प एक घुमंतू गाय को मारकर 16 को गाय का सिर और खाल लाकर समदपुर से मानपुर को जाने वाले रास्ते पर कांवड़ पथ पर रख दिया था। इसके बाद कॉल करके तीनों को बता भी दिया था। लेकिन जैसा इनके साथ हमारा तय हुआ था वैसा न होकर पुलिस द्वारा इस घटना में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। प्लान काम नहीं किया तो बोले एक बार फिर गोकशी करो शाहबुद्दीन ने पुलिस को बताया कि कांवड़ पथ पर गाय के अवशेष रखने के मामले में उसके दुश्मन जेल नहीं गए तो उसने बजरंग दल नेता से नाराजगी जाहिर की। इसके बाद 23 जनवरी को मानपुर खानपुर निवासी रमन चौधरी हमसे मिला और आश्वासन दिया कि एक बार फिर से गोकशी करो तो इस बार हम पुलिस पर दबाव बनाएंगे। उसने हमें मोनू विश्नोई और राजीव चौधरी से भी मिलवाय
मुरादाबाद में हरिद्वार हाईवे पर अगवानपुर से कांठ तक कांवड़ पथ बना है। कांवड़ के दिनों में कांवड़िए इस पथ का इस्तेमाल करते हैं। 16 जनवरी को कांवड़ पथ पर छजलैट थाना क्षेत्र में समदपुर चौराहे के पास एक गाय का सिर और खाल पड़ी मिली थी। सूचना देने वाले ने पुलिस को बताया था कि वो 10 मिनट पहले उस रास्ते से गुजरा तो कुछ नहीं था लेकिन 10 मिनट बाद वहां गाय के अवशेष पड़े मिले। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी। लेकिन पड़ताल में मौके पर गोकशी होने के कोई अवशेष नहीं मिले। छानबीन में पता चला कि किसी दूसरे स्थान से अवशेष लाकर कांवड़ पथ पर डाले गए हैं।
29 जनवरी को छजलैट थाने के गांव चेतरामपुर के जंगल में फिर से गाय के अवशेष पड़े मिले। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें मौके पर गाय की कटी हुई गर्दन, पशु काटने के उपकरण और एक लोअर घटनास्थल पर पड़ा मिला। लोअर की जेब में एक पर्स था। कुछ पैसे भी रखे थे। इसमें एक फोटो और डायरी भी पुलिस को मिली थी। डायरी पर महमूद और अजहर के नाम और मोबाइल नंबर थे। फोटो की शिनाख्त करने पर फोटो महमूद पुत्र मकसूद निवासी चेतरामपुर थाना छजलैट मुरादाबाद का निकला। पुलिस ने इस घटना का भी मुकदमा दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी।
जिले में 15 दिन के भीतर एक ही थाना क्षेत्र में 2 स्थानों पर गाय के अवशेष मिलने की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी हेमराज मीणा ने एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में उच्च स्तरीय टीम का गठन किया। घटनाओं के खुलासे के लिए सर्विलांस सेल को भी लगाया। पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों के जरिए भी छानबीन शुरू कर दी। दोनों घटनाएं गोकशी की घटनाओं से एकदम अलग थीं। इसलिए इनके पीछे किसी की साजिश होने की आशंका में भी पुलिस काम कर रही थी। अब आपको बताते हैं कि पुलिस ने इस साजिश का राजफाश कैसे किया
29 जनवरी की घटना में पुलिस को घटनास्थल से मिले लोअर में महमूद निवासी चेतरामपुर थाना छजलैट का फोटो और मोबाइल नंबर मिला था। पुलिस ने महमूद को थाने बुलाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसकी अपने ही गांव के शाहबुद्दीन पुत्र मुज्जफर हुसैन से रंजिश चल रही है। दरअसल कुछ वक्त पूर्व शाहबुद्दीन के भाई रूकसाद की मृत्यु हो गई थी। शाहबूददीन अपने भाई रूकसाद की मौत के लिए महमूद और उसके परिवार को जिम्मेदार मानता था। कुछ दिन पहले शाहबुद्दीन ने महमूद से उसका मोबाइल नंबर लिया था। उसने पूर्व में हुए झगड़े में उसे धमकी भी दी थी कि वह उसे किसी मामले में फंसा देगा।
शाहबुद्दीन ने पुलिस को बताया कि बजरंग दल के जिला प्रमुख मोनू विश्नोई ने उससे कहा था कि तुम गाय के अवशेष रखने के बाद हमें बता देना। इसके बाद हम इस सूचना पर पुलिस पर दबाव बनाकर तुम्हारे विपक्षी महमूद उर्फ मोटा व अजहर को गोकशी के मुकदमे में जेल भिजवा देंगे। राजीव चौधरी द्वारा गौवंश का खाल व सिर रखने के लिए नईम निवासी सिकरी को 2000 रुपये का प्रलोभन भी दिया गया था।
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