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उत्तर प्रदेश: CMO कार्यालय में हंगामा कथित झोलाछाप के इलाज से बिगड़ी युवक की हालत, परिजनों ने जताया विरोध

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उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , Date: 04/02/2026 06:05:04 pm Share:
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  • 04/02/2026 06:05:04 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज एक मरीज के परिजनों ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज एक मरीज के परिजनों ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अवैध रूप से क्लीनिक चला रहे व्यक्ति ने गलत इलाज कर युवक की हालत गंभीर कर दी, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया बारादरी थाना क्षेत्र के डोहरा गौटिया निवासी शिशुपाल अपने बेटे अजय को ऑटो में लिटाकर कार्यालय पहुंचे। अजय की हालत खराब बताई जा रही है और वह लगातार उल्टियां कर रहा था। परिजनों का कहना है कि युवक चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गया है परिजनों के अनुसार करीब एक माह पहले पेट दर्द की शिकायत पर वे पीलीभीत बाईपास स्थित एक क्लीनिक पहुंचे थे। वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताते हुए ऑपरेशन करने की बात कही। आरोप है कि इलाज के बाद युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और कई दिनों तक पट्टी व टांके लगाए जाने के बावजूद रक्तस्राव नहीं रुका। 


शिकायत मिलने के बाद नोडल अधिकारी द्वारा क्लीनिक को सील कराने की कार्रवाई की गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने या थाने को रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई वहीं संबंधित व्यक्ति ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसने कोई ऑपरेशन नहीं किया और वह अपना पक्ष रखने कार्यालय आया था परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना देंगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया। मामले में सीएमओ से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी संबंधित अधिकारी ने बताया कि पहले भी जिला अस्पताल में उसका इलाज हो चुका है उसने अपनी मर्जी से जाकर झोलाछाप डॉक्टर के यहां पर जाकर इलाज कराया फिर भी कोई डॉक्टर की कमी पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभाग द्वारा जांच कार्रवाई की जाएगी  यह खबर उपलब्ध जानकारी और आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पायेगी।