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उत्तर प्रदेश: करीब 30 लोगों पर हमले का दावा, किसान खेतों में जाने से कतरा रहे, ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर कर रहे निगरानी

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Yashoda Bahuguna, Date: 09/10/2026 06:00:20 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Yashoda Bahuguna,
  • Date:
  • 09/10/2026 06:00:20 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर। जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के चार गांवों में सियार के हमलों की खबर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर। जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के चार गांवों में सियार के हमलों की खबर से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। परसादपुर, ऊंचहर कला, सफियाबाद और महुआरी गांवों में मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अलग-अलग स्थानों पर सियार के हमले में लगभग 30 लोगों के घायल होने का दावा ग्रामीणों ने किया है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सेमरियावां ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। डर के कारण कुछ अभिभावकों ने बुधवार और बृहस्पतिवार को बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। वहीं, किसान भी धान की फसल की देखभाल के लिए सीवान में जाने से कतरा रहे हैं।

 हमले के बाद गांवों में डर का माहौल

ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार शाम सियार ने अलग-अलग स्थानों पर लोगों पर हमला किया। हमले में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के घायल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद से गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि सियार दोबारा हमला कर सकता है। इसी वजह से लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं और बच्चों को भी घर से बाहर भेजने में सावधानी बरत रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक उन्हें स्कूल भेजने से डर रहे हैं। दूसरी ओर, धान की फसल की देखभाल करने वाले किसान भी खेतों तक जाने में असहज महसूस कर रहे हैं। खेतों में जाने और लौटने के दौरान सियार के हमले की आशंका उन्हें परेशान कर रही है।

 सीएचसी में घायलों का उपचार, सभी को एंटी रेबीज इंजेक्शन

घटना के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां पहुंचाया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्र ने बताया कि सियार के काटने से घायल काफी संख्या में बच्चे और बड़े अस्पताल पहुंचे थे। सभी को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी घायल ठीक हैं और उनकी निगरानी की जा रही है।

 लाठी-डंडे लेकर निगरानी कर रहे ग्रामीण

सियार के डर से ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए निगरानी शुरू कर दी है। अनीस अहमद, नसीम अहमद और मोहम्मद सलमान सहित कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर आसपास के क्षेत्रों में नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सियार का पता नहीं चल जाता और खतरा दूर नहीं होता, तब तक सतर्क रहना जरूरी है।

ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है। उन्हें आशंका है कि यदि सियार गांव के आसपास मौजूद रहा तो फिर किसी पर हमला कर सकता है। इसी वजह से ग्रामीण एक-दूसरे को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।

 ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की

महुआरी गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद शफीक ने बताया कि गांव में सियार के हमले से कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद ग्रामीण भयभीत हैं और खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान धान की फसल देखने के लिए सीवान में जाने से डर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और सियार को पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और वे बिना भय के अपने दैनिक काम कर सकें।

 क्षेत्रीय वन अधिकारी ने टीम भेजने की बात कही 

 क्षेत्रीय वन अधिकारी इंद्रभान सोनकर ने बताया कि उन्हें सियार के हमले की घटना की पहले से जानकारी नहीं थी। मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने वन विभाग की टीम भेजकर मौके पर स्थिति का जायजा लेने और सियार की तलाश कराने की बात कही।

 इन लोगों के घायल होने की जानकारी

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, घायलों में अयान कलीम (11), उवैस कलीम (14), हम्माद अनीस (9), खुबैब अनीस (7), दिलीप यादव (42), आफताब (5), निहाल (18), नजमुननिशा (8), रजिया खातून (38), जमालुद्दीन (51), सिकंदर (18), अजय (13), अजय कुमार, बैजनाथ, आशिया खातून और नायरा सहित अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कुल करीब 30 लोगों के घायल होने का दावा किया है।

 ग्रामीणों ने की निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग

अजमल अहमद, मुश्ताक अहमद, राजकुमार यादव, मोहम्मद असद, अब्दुल हई, ध्यानचंद, सनी यादव और चुन्नीलाल चौहान सहित ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और सियार को पकड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सियार की तलाश कर उसे पकड़ा नहीं जाता, तब तक गांवों में डर बना रहेगा। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से बच्चों, महिलाओं तथा खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।