Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: गैंगस्टर रवि काना को रंगदारी मामले में अग्रिम जमानत दी गई 

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश   Published by: Deepak Yadav , Date: 12/02/2026 02:12:56 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Deepak Yadav ,
  • Date:
  • 12/02/2026 02:12:56 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सेक्टर-63 कोतवाली क्षेत्र में दर्ज रंगदारी और जान से मारने की धमकी के बहुचर्चित मामले में सत्र न्यायाधीश गौतमबुद्धनगर अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी गैंगस्टर रवि काना को अग्रिम जमानत दे दी है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सेक्टर-63 कोतवाली क्षेत्र में दर्ज रंगदारी और जान से मारने की धमकी के बहुचर्चित मामले में सत्र न्यायाधीश गौतमबुद्धनगर अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी गैंगस्टर रवि काना को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने 35 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती की शर्त पर गिरफ्तारी की स्थिति में रिहाई का आदेश पारित किया। साथ ही आरोपी को निर्देश दिया गया है कि वह सात दिन के भीतर विवेचक के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करे, किसी भी गवाह को प्रभावित न करे और न्यायालय की अनुमति के बिना देश न छोड़े। अदालत ने अपने आदेश में यह भी टिप्पणी की कि बहस के दौरान किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के विरुद्ध व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है। न्यायालय ने कहा कि आरोपी के अधिवक्ता द्वारा पुलिस आयुक्त के खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणी अपमानजनक है और तर्क प्रस्तुत करते समय ऐसी टिप्पणियों से बचा जाना चाहिए। अभियोजन के अनुसार वादी शैलेन्द्र शर्मा ने 14 जनवरी 2026 को सेक्टर-63 कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी ने आरोप लगाया कि उसका सेक्टर-63 में रिनोक्स ग्रुप के नाम से कार्यालय है और वह बिल्डर का कार्य करता है। सह आरोपी पंकज पाराशर, जो स्वयं को पत्रकार बताता है, वर्ष 2021 से 2024 के बीच उसके विभिन्न प्रोजेक्ट्स की वीडियो बनवाकर उन्हें वायरल करने और प्रोजेक्ट बंद कराने की धमकी देता रहा।


वादी का आरोप है कि भय और दबाव में आकर उसने अलग-अलग माध्यमों से करीब 20 लाख रुपये दिए। 14 अगस्त 2023 को 10 लाख रुपये, 20 अक्तूबर 2023 को 11.96 लाख रुपये तथा 8 जनवरी 2024 को 1.12 लाख रुपये आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से रेनबो मीडिया के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके अतिरिक्त पांच लाख रुपये नकद देने और 23 कंप्यूटर व दो लैपटॉप खरीदवाने का भी उल्लेख है। वादी का यह भी आरोप है कि सह आरोपी पंकज पाराशर के कहने पर रवि काना ने कई बार उसे जान से मारने की धमकी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रह्मजीत भाटी ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने दलील दी कि वादी द्वारा दी गई धनराशि के बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज विवेचना में संलग्न हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अग्रिम जमानत आवेदन के समर्थन में शपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया, जबकि आवेदन पर आरोपी के हस्ताक्षर हैं। अभियोजन ने अदालत से जमानत याचिका खारिज करने की मांग की। आरोपी के अधिवक्ता ललित मोहन गुप्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल की नोएडा पुलिस आयुक्त से व्यक्तिगत रंजिश है और उसे झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने न तो कोई रंगदारी मांगी और न ही जान से मारने की धमकी दी। बचाव पक्ष का दावा है कि आरोपी को स्वयं अपनी जान का खतरा है और उसे अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।

 


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ मृत्यु या घोर उपहति के भय में डालने का स्पष्ट आरोप नहीं है तथा अन्य धाराएं साधारण प्रकृति की प्रतीत होती हैं। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है और मामला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा विचारणीय है। गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना अदालत ने अग्रिम जमानत देने को पर्याप्त आधार माना।

Related News

बिहार: नवादा की समस्याओं को विधान परिषद में उठाया, एमएलसी अशोक कुमार ने सरकार से मांगा त्वरित समाधान

बिहार: नवादा में चीनी मिल स्थापना को लेकर भूमि चिन्हांकन तेज, सांसद विवेक ठाकुर ने मांगा जनसहयोग'

उतर प्रदेश: लालगंज टोल प्लाजा पर ट्रक ड्राइवर की पिटाई, अवैध वसूली के विरोध पर बवाल; पुलिस ने खुलवाया जाम

उत्तर प्रदेश: आगामी त्योहारों को लेकर पीस कमेटी बैठक, शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील

राजस्थान: राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, माली खेड़ा में वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

उत्तराखंड: गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन और कर्मचारी दर्जे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन  


Featured News