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उत्तर प्रदेश: बरेली में NHM संविदा कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी संघ, शाखा बरेली के नेतृत्व में शुक्रवार को संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी संघ, शाखा बरेली के नेतृत्व में शुक्रवार को संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। इसके अलावा जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन और नियमित पदों की भर्तियों में संविदा कर्मचारियों के लिए कोटा निर्धारित करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मनोज कुमार ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के तहत 5, 6 और 7 अक्टूबर को कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध किया। वहीं, 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। मनोज कुमार ने कहा कि यदि 10 अक्टूबर तक शासन स्तर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो संगठन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 अक्टूबर को बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी लखनऊ के इको गार्डन पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की योजना है। धरना-प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, बरेली मंडल के महामंत्री डॉ. अतुल शर्मा, जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव, डॉ. मनमोहन सक्सेना, डॉ. पूनम अग्रवाल, कवीन्द्र शर्मा, पंकज, डॉ. पायल, डॉ. ऋचा, डॉ. आदेश गंगवार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बीपीएम संघ, बीसीपीएम, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी शामिल हुए। संघ ने शासन से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में संविदा कर्मचारियों का अहम योगदान है। इसके बावजूद उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। धरने के दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता (DA), ईपीएफ, मकान किराया भत्ता (HRA), स्थानांतरण नीति और अनुकंपा नियुक्ति जैसी मांगें उठाईं।
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