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उत्तर प्रदेश: बदलेगा रेलवे टिकट सिस्टम, AI से बढ़ेगी कंफर्म टिकट मिलने की संभावना

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar (UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Namita Chauhan, Date: 09/05/2026 10:07:42 am Share:
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  • Published by.: Anand Kumar (UP) ,
  • Edited By.: Namita Chauhan,
  • Date:
  • 09/05/2026 10:07:42 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: भारतीय रेलवे को अक्सर देश की जीवन रेखा कहा जाता है, जिससे हर दिन करोड़ों यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: भारतीय रेलवे को अक्सर देश की जीवन रेखा कहा जाता है, जिससे हर दिन करोड़ों यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। उन्हें कंफर्म टिकट पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। व्यस्त रूटों पर टिकटों की मारामारी और वेटिंग लिस्ट की अनिश्चितता को खत्म करने के लिए रेलवे अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है।  अगस्त 2026 से रेलवे अपने चार दशक पुराने टिकट बुकिंग के पारंपरिक ढांचे में बदलाव करने जा रहा है। रेलवे पेसेजंर रिजर्वेशन सिस्टम की शुरुआत करेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दिशा- निर्देशों पर आधारित यह तंत्र पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकी से लैस होगा। ए आई तकनीकी के आने से न सिर्फ टिकट बुकिंग की गति कई गुना बढ़ जाएगी, बल्कि डेटा के सटीक विश्लेषण से यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने की संभावना भी पहले से कहीं अधिक होगी। मौजूदा टिकट बुकिंग सिस्टम 1986 में शुरू हुआ था। इसके बाद अब कई छोटे बड़े बदलाव हुए इसी कड़ी में वर्ष 2002 में टिकट की बुकिंग ऑनलाइन कर दी गई। आज लगभग 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं, जिसे संभालने के लिए अधिक क्षमता वाले सर्वर की जरूरत है।

 

यह नया सिस्टम आधुनिक तकनीकी पर आधारित है ताकि भारी भीड़ के समय वेबसाइट या एप हैंग न हो। एआई (AI) तकनीक अब यह सटीक जानकारी देगी कि आपका वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। वर्तमान में जो वेटिंग टिकट कंफर्म होने की संभावना दिखाता है उसे सही होने की सटीकता सिर्फ 53 प्रतिशत है। वहीं जब एआई आधारित बुकिंग होगी तो कंफर्म सीट पाने का जो अनुमान दिखाएगा वह 94 प्रतिशत तक सटीक हो सकेगा। यह सिस्टम पुराने डेटा और सीटों की उपलब्धता का मूल्यांकन करके एकदम सही जानकारी देगी। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए, तत्काल टिकट बुकिंग को केवल आधार के माध्यम से वेरीफाइड यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और उस समय भी सर्वर स्मूद चलेगा। नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम अधिक सुलभ होगा।  इसमें कई क्षेत्रीय भाषाएं उपलब्ध होंगी, जिससे देश भर के यात्री आसानी से अपनी भाषा में टिकट बुक कर सकेंगे।