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उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मूल्यांकन परीक्षा हुई संपन्न

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 22/09/2026 03:05:28 pm Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
  • Date:
  • 22/09/2026 03:05:28 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जिले में ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर नव-साक्षरों ने उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जिले में ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर नव-साक्षरों ने उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया। इस परीक्षा में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के वे शिक्षार्थी शामिल हुए, जिन्होंने स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से बुनियादी पढ़ना-लिखना और संख्यात्मक ज्ञान हासिल किया था। परीक्षा केंद्रों पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में साक्षर बनने को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। परीक्षार्थियों ने जोड़-घटाना, नाम लिखना, सरल वाक्य पढ़ना और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल हल किए।

परीक्षा की निगरानी के लिए गठित सचल दलों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयकों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा की पारदर्शिता और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा के सफल आयोजन पर केंद्र व्यवस्थापकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और नोडल प्रभारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘उल्लास’ कार्यक्रम सिर्फ अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय, डिजिटल और सामाजिक रूप से लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन और मूल्यांकन किया जाएगा। सफल शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) और शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रमाणित प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।