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उत्तर प्रदेश: बिना पैमाइश निर्माण का लगा आरोप, SDM से सीमांकन की करी गई मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 22/09/2026 01:21:12 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
  • Date:
  • 22/09/2026 01:21:12 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: खलीलाबाद ग्राम कुशफेर उर्फ उपरथा में गाटा संख्या 226/1 और 226/2 से जुड़ा भूमि विवाद सामने आया है। बेलवनिया निवासी नन्दलाल पुत्र स्व. रामराज ने उपजिलाधिकारी खलीलाबाद को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व टीम और लेखपाल की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कराकर सीमा निर्धारण कराने की मांग की है।c

विस्तार

उत्तर प्रदेश: खलीलाबाद ग्राम कुशफेर उर्फ उपरथा में गाटा संख्या 226/1 और 226/2 से जुड़ा भूमि विवाद सामने आया है। बेलवनिया निवासी नन्दलाल पुत्र स्व. रामराज ने उपजिलाधिकारी खलीलाबाद को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व टीम और लेखपाल की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कराकर सीमा निर्धारण कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में नन्दलाल ने दावा किया है कि गाटा संख्या 226/1 उनके नाम दर्ज है, जबकि गाटा संख्या 226/2 मुन्नीलाल के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि एसडीएम के 22 नवंबर 2024 के आदेश के अनुपालन में संबंधित भूमि का बंटवारा किया गया था। आरोप है कि बंटवारे के बाद गाटा संख्या 226/3 रामपत आदि के हिस्से में आई, जिसे बाद में राधेश्याम मौर्य निवासी बभनी बहली को बेचे जाने की बात कही गई है।

नन्दलाल का आरोप है कि उनके हिस्से में करीब 11 बिस्वा 17 धूर भूमि का बैनामा है, लेकिन मौके पर वास्तविक सीमा की पैमाइश कराए बिना निर्माण कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर 2026 को निर्माण कार्य की जानकारी होने पर डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में निर्माण रुकवाए जाने का भी दावा किया गया है। अब नन्दलाल ने एसडीएम से राजस्व टीम और संबंधित लेखपाल की मौजूदगी में मौके की पैमाइश कराने तथा पुलिस बल की मौजूदगी में वास्तविक सीमा निर्धारित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों और पैमाइश के बाद ही भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। zफिलहाल मामले में लगाए गए आरोप प्रार्थना पत्र में वादी की ओर से किए गए हैं। भूमि की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक पैमाइश और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।