Contact for Advertisement 9650503773


उत्तराखंड: गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन और कर्मचारी दर्जे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
 

- Photo by : social media

उत्तराखंड  Published by: Likhit Pant , Date: 12/02/2026 03:37:50 pm Share:
  • उत्तराखंड
  • Published by: Likhit Pant ,
  • Date:
  • 12/02/2026 03:37:50 pm
Share:

संक्षेप

उत्तराखंड: उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के आह्वान पर आज गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय आम हड़ताल में शामिल होते हुए कार्यकत्रियों ने उपजिलाधिकारी

विस्तार

उत्तराखंड: उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के आह्वान पर आज गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय आम हड़ताल में शामिल होते हुए कार्यकत्रियों ने उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया। मुख्य मांगें और शिकायतें:ज्ञापन में आशा कार्यकत्रियों ने सरकार पर उनकी अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं सरकारी कर्मचारी का दर्जा: आशाओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग के हर छोटे-बड़े अभियान और सर्वे में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। न्यूनतम वेतन की मांग: कार्यकत्रियों ने मांग की है कि उन्हें सम्मानजनक न्यूनतम वेतन दिया जाए। वर्तमान में उन्हें केवल प्रोत्साहन राशि (Incentive) पर निर्भर रहना पड़ता है, जो हर राज्य में अलग-अलग है।

सीएम के वादे की याद दिलाई: ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि 31 अगस्त 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आशाओं को 11,500 रुपये मासिक मानदेय देने का वादा किया था। आरोप है कि चार साल बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ है। महिला श्रम की शक्ति को अनदेखा कर रही सरकार यूनियन ने अपने पत्र में तीखे शब्दों में कहा कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेवा से लेकर पूरे विभाग का बोझ उठाने वाली आशाओं को केंद्र सरकार न्यूनतम वेतन देने को भी तैयार नहीं है। उन्होंने इसे "महिला श्रम की शक्ति की अनदेखी" करार दिया। आगे की रणनीति आशा कार्यकत्रियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके मानदेय और कर्मचारी दर्जे को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगी। आज के इस कार्यक्रम में क्षेत्र की दर्जनों आशा कार्यकत्री शामिल रहीं और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।