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मध्य प्रदेश: पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रीमद् शिव महापुराण कथा हुई संपन्न, किया विशाल भंडारा 

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , Date: 19/02/2026 01:12:44 pm Share:
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पोरसा ग्राम जोटई के पंचमुखी हनुमान मंदिर पर मंदिर के महंत ब्रह्मचारी महाराज द्वारा आयोजित श्रीमद् शिव महापुराण की कथा में आज स्वामी अवधेशानंद तर्क भास्कर नर्मदा तट वालों ने भगवान शिव जी की महिमा तथा शिवाजी को खुश करने के बारे में विस्तार से बताया तथा रुद्राक्ष धारण करने रुद्राक्ष से मिलने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया बाद में विशाल भंडारे के साथ शिव पुराण कथा आज संपन्न हुई।

विस्तार

मध्य प्रदेश: पोरसा ग्राम जोटई के पंचमुखी हनुमान मंदिर पर मंदिर के महंत ब्रह्मचारी महाराज द्वारा आयोजित श्रीमद् शिव महापुराण की कथा में आज स्वामी अवधेशानंद तर्क भास्कर नर्मदा तट वालों ने भगवान शिव जी की महिमा तथा शिवाजी को खुश करने के बारे में विस्तार से बताया तथा रुद्राक्ष धारण करने रुद्राक्ष से मिलने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया बाद में विशाल भंडारे के साथ शिव पुराण कथा आज संपन्न हुई।  इसमें क्षेत्र की ज्यादातर ग्रामीणों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की पोरसा के ग्राम जोटई में श्रीमद् शिव महापुराण कथा संपन्न, विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब। 

 

ग्राम जोटई स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् शिव महापुराण कथा का समापन आज भक्ति और उल्लास के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र का वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। मंदिर के महंत ब्रह्मचारी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में स्वामी अवधेशानंद तर्क भास्कर (नर्मदा तट वाले) ने भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचनों में बताया कि भगवान शिव अत्यंत सरल और भोले हैं, वे सच्ची श्रद्धा और निष्काम भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होते हैं। उन्होंने शिवजी को प्रसन्न करने के उपायों पर प्रकाश डालते हुए नियमित रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जप, बिल्वपत्र अर्पण और सात्विक जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया। स्वामी जी ने रुद्राक्ष धारण करने के आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रुद्राक्ष मन को शांति प्रदान करता है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है। साथ ही श्रद्धालुओं से रुद्राक्ष को विधि-विधान से धारण करने की अपील की।

कथा समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के आसपास के गांवों से आए हजारों ग्रामीणों ने प्रसादी ग्रहण की। महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग सभी ने श्रद्धाभाव से भाग लिया। आयोजन समिति द्वारा भंडारे की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामवासियों का सहयोग सराहनीय रहा। कथा के सफल आयोजन पर मंदिर समिति और ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।