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मध्य प्रदेश: साप्ताहिक अवकाश की उड़ रही धज्जियां, नियमों को दरकिनार कर खुल रहीं दुकानें, कार्रवाई की मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: पोरसा नगर में साप्ताहिक अवकाश के नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: पोरसा नगर में साप्ताहिक अवकाश के नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। श्रम विभाग के नियमों के अनुसार प्रत्येक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए सप्ताह में एक दिन अवकाश रखना अनिवार्य है। पोरसा नगर में वर्षों से बुधवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित है, लेकिन कोरोना काल के बाद से इस व्यवस्था का पालन लगभग समाप्त होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को बाजार बंद रहने के बजाय बड़ी संख्या में दुकानदार सुबह लगभग 8 बजे से ही अपनी-अपनी दुकानें खोलकर व्यापार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रम विभाग और प्रशासन की उदासीनता के चलते दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं। नियमों का खुलेआम उल्लंघन होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिणामस्वरूप साप्ताहिक अवकाश का उद्देश्य ही समाप्त होता जा रहा है। जानकारों के अनुसार साप्ताहिक अवकाश का उद्देश्य केवल बाजार बंद रखना नहीं, बल्कि दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों, सेल्समैन और मजदूरों को सप्ताह में कम से कम एक दिन विश्राम तथा अपने परिवार के साथ समय बिताने का अवसर देना है। लेकिन जब प्रतिष्ठान अवकाश के दिन भी खुले रहते हैं तो कर्मचारियों को बिना रुके लगातार काम करना पड़ता है। इससे उनके स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नगर के कई नागरिकों का आरोप है कि कुछ व्यापारी अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। यदि कुछ दुकानें खुलती हैं तो प्रतिस्पर्धा के कारण अन्य दुकानदार भी मजबूरन अपने प्रतिष्ठान खोल लेते हैं। इससे पूरे बाजार में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि श्रम विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर नियमों का सख्ती से पालन कराए और उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करे, तो इस समस्या पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। उनका मानना है कि कानून सभी के लिए समान है और उसका पालन सुनिश्चित कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग से मांग की है कि बुधवार के साप्ताहिक अवकाश का कड़ाई से पालन कराया जाए, बाजार का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों के श्रम अधिकारों की रक्षा होगी और नगर में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
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