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National Ayurveda Day: धनतेरस के अवसर पर मनाया जा रहा है आयुर्वेद दिवस, क्या हैं खाश इस दिन जाने ?
आयुर्वेद दिवस, क्या हैं खाश इस दिन जाने ? - Photo by : Social Media
संक्षेप
इमरान: आयुर्वेद विज्ञान का जन्म भारत में हुआ हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भारत से निकल कर यूनान, मिस्र तथा ग्रीस सहित और बहुत सारे देशों में फैला हैं।
विस्तार
इमरान: आयुर्वेद विज्ञान का जन्म भारत में हुआ हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भारत से निकल कर यूनान, मिस्र तथा ग्रीस सहित और बहुत सारे देशों में फैला हैं। अथर्ववेद ग्रन्थ जो की सनातन धर्म के चार महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक हैं। आयुर्वेद चिकित्सा की पद्धति भी इसी महत्वपूर्ण ग्रन्थ की देन हैं। भारत में कई महान ऋषि मुनि हुए उनमें से आचार्य चरक, यूनान में लुकमान हाकिम, और भी विश्व के कई आयुर्वेद के विद्वान हुए। भारत में आयुर्वेद पद्धति आधार पर हर वर्ष धनतेरस के अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाता हैं। 2023 वर्ष में आठवां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर कई देशों में आयुष मंत्रालय के द्वारा इस का आयोजन किया जा रहा हैं। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर आधिकारिक साझा कर आयुर्वेद दिवस की थीम और पंच लाइन की जानकारी दी। आयुर्वेद दिवस 2023 का थीम यह हैं 'सब के लिए आयुर्वेद' तथा इनका पंच लाइन 'हर दिन हर किसी के लिए आयुर्वेद' हैं। धनतेरस के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाता हैं। आयर्वेद का इस्तेमाल कई तरह के बीमारयों के लिए किया जा सकता हैं। पेट से संबंधित, स्किन से सम्बंधित, मानसिक रोग तथा विभिन्न प्रकार के चीरकालिक बिमारियों में इनका प्रयोग हो सकता। भारत सरकार ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय की स्थापना और इन्हे वैश्विक पर मान्यता देने को लेकर प्रयास में लगी हुई हैं।

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