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राजस्थान: रंगदारी गिरोह के चार आरोपी रिमांड पर, जुलूस निकालकर संदेश दिया

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राजस्थान  Published by: Bharat Bunkar , Date: 09/01/2026 05:43:20 pm Share:
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  • 09/01/2026 05:43:20 pm
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संक्षेप

राजस्थान: 09/01/2026, चित्तौड़गढ़ शहर में व्यापारियों व ठेला व्यवसायियों को डराने/धमकाने व रंगदारी मामले में चारो आरोपी को जिला सेशन कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा।

विस्तार

राजस्थान: 09/01/2026, चित्तौड़गढ़ शहर में व्यापारियों व ठेला व्यवसायियों को डराने/धमकाने व रंगदारी मामले में चारो आरोपी को जिला सेशन कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा। इन चारों आरोपियों में से एक सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर उदयलाल भी है,जिसके खिलाफ बहुत पहले से 11 अपराधिक मुकदमों में नाम दर्ज होना सामने आया हे। वहीं एक अन्य आरोपी के खिलाफ भी चार पुराने मामले हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से अवैध वसूली तोड़फोड़ और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।

 जांच अधिकारी एएसआई मुरली दास ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सेती निवासी उदय लाल पुत्र नारायण गुर्जर सदर थाने का बड़ा हिस्ट्रीशीटर है। कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति बार-बार अपराध करता है और जिसे पुलिस-प्रशासन व समाज का डर नहीं है,उसे आदतन अपराधी कि श्रेणी में माना जाएगा। उदय लाल के खिलाफ आर्म्स एक्ट, अपहरण,छेड़छाड़,मारपीट और घर में घुसकर हमला करने जैसे अति गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह अक्सर अवैध वसूली और मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है जिसका उद्देश्य तो यही लगता है कि उसे अपराध की दुनिया का बादशाह बनने का भूत सवार है जो की राजस्थान पुलिस को उतारने की अति आवश्यकता है, पुलिस के अनुसार आरोपी दीपेश के खिलाफ भी पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, वही घनश्याम व ईश्वर के खिलाफ अभी तक कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है,यह दोनों अपराध की दुनिया में अभी कदम रख हि रहे हैं,जिसे चित्तौड़गढ़ पुलिस को पुलिस का 'आमजन में विश्वास' व 'अपराधियों में डर' की कहावत को सत्य करने का समय आ गया है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह दोनों पहले किसी और वारदात में तो शामिल नहीं थे।

अब यह तो पुलिस की रिमांड के दौरान पुछताछ में कई और खुलासे होने कि संभावना है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चारों आरोपियों की सामाजिक और आर्थिक स्थितियां अलग-अलग है अलग-अलग कार्यों के बावजूद भी इन चारों आरोपियों ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाने का प्रयास किया है, उदयलाल आमतौर पर कोई स्थाई काम नहीं करता है और कभी-कभी खेती कर लेता है। मारपीट और अवैध  वसूली जैसे कामों में वह हमेशा लिप्त रहता है। भीलवाड़ा का रहने वाला घनश्याम पुत्र कैलाश गिरी हाल मुकाम सेती, मोहन नामक व्यक्ति के यहां ट्रैक्टर चलाने का कार्य करता है

 पंचवटी निवासी दीपेश पुत्र किशन लाल गमेती मजदूरी करता है। वही पंचवटी निवासी ईश्वर पुत्र दीपक जायसवाल की बापू नगर इलाके में एक छोटी किराने की दुकान है ईश्वर की मां की 2 महीने पहले ही मौत हो गई थी। बताया गया है कि ईश्वर की दुकान पर बाकी आरोपियों का भी आना जाना रहता था, इसी दौरान उनकी दोस्ती हुई और वह भी इस गिरोह में शामिल हो गया। एएसआई मुरलीदास ने बताया की इस मामले में अभी दो और आरोपी धनराज और मोहन फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है,जो जल्द पुलिस कि गिरफ्त में होंगे। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से अवैध वसूली नेटवर्क और अन्य घटनाओं कि पुछताछ भी पुलिस द्वारा की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है 

कि इन आरोपियों का गिरोह लंबे समय से राजीव गांधी पार्क और आसपास ठेले लगाने वाले,दुकानदारों व राह चलते लोगों को रोककर शराब के लिए रोजाना पैसे मांगना, पैसे नहीं देने पर मारपीट करना ठेले वालों का सामान तोड़ना उनकी रोज की आदत बन चुकी थी। कई ठेले वाले तो डर के कारण पुलिस में शिकायत करने से भी कतरा रहे थे। पुलिस कार्रवाई के बाद अब छोटे व्यापारियों में एक आस बंधी है और पुलिस पर और ज्यादा विश्वास बढ़ा है। 6 जनवरी की रात को राजीव गांधी पार्क के बाहर वडा पाव और पानी पुरी का ठेला लगाने वाले शंकर डांगी से बदमाशों ने रोजाना की तरह हफ्ता मांगा जिसे देने से डांगी ने मना कर दिया, तो आरोपियों का खून उबाल मार गया, फिर आरोपियों ने उसकी लारी में जमकर तोड़फोड़ की बहुत से मारपीट की जिससे उसे भारी नुकसान हुआ इसके बाद शंकर लाल ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, और बताया कि आरोपी लंबे समय से पहले वालों से जबरन वसूली कर रहे हैं। शिकायत सुनकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया 

और जांच शुरू की।पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को उसी जगह ले जाकर जुलूस निकाला, जहां उन्होंने ठेले वालों के साथ बदसलूकी की थी। जुलूस के दौरान आरोपियों ने हाथ जोड़कर अपनी गलती की माफी मांगी। DSP बृजेश सिंह ने बताया कि जुलूस का मकसद आम लोगों और ठेले वालों में बदमाशों का डर खत्म करना और संदेश देना था कि पुलिस उनके साथ है।
जुलूस के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। DSP के साथ सदर थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह, अनुसंधान अधिकारी ASI मुरलीदास और थाने का पूरा जाब्ता मौजूद रहा। स्थानीय ठेले वालों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अब वे बिना डर अपने काम में लग सकते हैं। DSP ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी बताया कि जो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।