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उत्तर प्रदेश: होमगार्डों की शिकायत निराधार, दिव्यांग ने आरोपों को किया खारिज
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि वृहस्पतिवार 08 जनवरी 2026 को जिला कमाण्डेण्ट, होमगार्ड्स, बहराइच के पत्र दिनांक 08 जनवरी 2026 के साथ राजाराम शुक्ला होमगार्ड नं01143, रमाकान्त मिश्रा होमगार्ड नं0 1124 एवं राम कुमार तिवारी होमगार्ड नं0 1137 कम्पनी महसी, बहराइच का शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि वृहस्पतिवार 08 जनवरी 2026 को जिला कमाण्डेण्ट, होमगार्ड्स, बहराइच के पत्र दिनांक 08 जनवरी 2026 के साथ राजाराम शुक्ला होमगार्ड नं01143, रमाकान्त मिश्रा होमगार्ड नं0 1124 एवं राम कुमार तिवारी होमगार्ड नं0 1137 कम्पनी महसी, बहराइच का शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। होमगार्ड द्वारा प्रस्तुत किये गये शिकायती पत्र उप जिलाधिकारी, महसी आलोक प्रसाद के विरूद्ध अभद्रता एवं जाति सूचक गालियां दिये जाने सम्बन्धी कतिपय आरोपों की जांच के सम्बन्ध में थे। डीएम श्री त्रिपाठी ने आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए 08 जनवरी 2026 को ही प्रकरण की जॉच हेतु मुख्य राजस्व अधिकारी, बहराइच को जॉच अधिकारी नामित करते हुए आदेशित किया गया कि प्रार्थना पत्र में उल्लिखित दिव्यांग व्यक्ति, सम्बन्धित कर्मचारियों एवं शिकायतकर्तागण का बयान अंकित कर प्रकरण की गहनतापूर्वक जॉच कर, सुस्पष्ट जॉच आख्या 08 जनवरी 2026 की सायं तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जांच अधिकारी/मुख्य राजस्व अधिकारी, बहराइच द्वारा अपनी जांच आख्या दिनांकित 08 जनवरी 2026 में अवगत कराया गया है कि शिकातयी पत्र में उल्लिखित दिव्यांग व्यक्ति द्वारा बयान दिया गया है कि वह दिनांक 07 जनवरी 2026 को उप जिलाधिकारी, महसी के कार्यालय में अपने बंटवारे के मुकदमें की पैरवी के सिलसिले में उप जिलाधिकारी के कमरे में स्वयं गया था और कुर्सी पर बैठने लगा लेकिन दिव्यांग होने के नाते कुसी पर बैठ नहीं पाया और गिर गया और कुर्सी मेरे ऊपर आ गयी। जिस पर साहब ने पीछे खड़े गार्ड द्वारा कोई सहायता न करने पर गार्ड पर नाराज हुऐ और गार्ड को बाहर कर दिया गया। दिव्यांग ने यह भी बताया कि उप जिलाधिकारी द्वारा गार्डाे को अभद्र भाषा, जाति सूचक शब्दों आदि का व्यवहार नहीं किया गया है और न ही गार्डाे को जान-माल की धमकी दी गयी है। दिव्यांग व्यक्तित द्वारा अपने बयान में यह भी बताया गया कि दिनांक 08 जनवरी 2026 को घटना के वक्त मौजूद होमगार्ड मेरे घर पर आये और दबाव डाला कि आज अगर कोई पत्रकार पूंछते हैं तो बताना कि मुझे गाली, अभद्र भाषा आदि का प्रयोग किया गया है। जांच अधिकारी/मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा अपनी जांच में पाया है कि जिस दिव्यांग व्यक्ति को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ वह व्यक्ति ही मुख्य साक्षी है तथा उनके द्वारा अपने बयान में होमगार्डों द्वारा उप जिलाधिकारी, महसी पर लगाये गये आरोपों को असत्य एवं निराधार बताया है तथा बयान बदलने हेतु होमगार्डों की ओर से दबाव डालने की बात भी बतायी गयी है। इसके अलावा अन्य गवाहों के बयानों से भी शिकायत की पुष्टि नहीं हुयी है। शिकायतकर्ता होमगार्डों द्वारा मानवीय कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन न करते हुये दिव्यांग व्यक्ति को कुर्सी पर बैठने हेतु सहयोग नहीं किया गया है एवं बाद में झूठी शिकायत प्रस्तुत कर अनुशासन हीनता की गयी है। होमगार्डों द्वारा की गयी शिकायत मनगढ़ंत एवं निराधार है।
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