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उत्तर प्रदेश: समाजवादी झंडे में विजय सिंह गोंड़ को अंतिम विदाई, जन सैलाब उमड़ा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar (UP) , Date: 10/01/2026 10:23:52 am Share:
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  • Date:
  • 10/01/2026 10:23:52 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जनपद के अंतिम विधानसभा 403 दुद्धी से 8 बार के विधायक व राज्य मंत्री रह चुके आदिवासी राजनीति के पितामह कहे जाने वाले विजय सिंह गोंड़ को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जनपद के अंतिम विधानसभा 403 दुद्धी से 8 बार के विधायक व राज्य मंत्री रह चुके आदिवासी राजनीति के पितामह कहे जाने वाले विजय सिंह गोंड़ को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई। दुद्धी के कटौली गांव स्थित पैतृक निवास के सामने ही गोंड़ी परंपरा के तहत आर्थिक शरीर को दफन किया गया. गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद अंतिम संस्कार हुआ. इस दौरान राज्य मंत्री संजीव गोंड़ समेत समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी तथा अन्य दलों के नेता भी मौके पर मौजूद थे. आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड़ के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को लोगों का विशाल हूजूम उमड़ पड़ा. शुक्रवार की सुबह से ही उनके पैतृक आवास पर जन नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का रेला लगा रहा. उनकी इच्छा अनुसार गोंड़ी परंपरा के तहत दोपहर बाद घर के सामने ही पा र्थिक शरीर को दफन किया गया. समाजवादी पार्टी के झंडे में विजय सिंह गोंड़ को अंतिम विदाई दी गई.  विधानसभा सीट दुद्धी 403 से आठ बार के विधायक विजय सिंह गोंड़ का बृहस्पतिवार को लखनऊ पीजीआई में निधन हो गया था. वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। 

निधन की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीजीआई पहुंचे थे. वहां से उनके पार्थिक शरीर को विशेष वाहन में रखवाकर दुद्धी के लिए रवाना किया था. उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव गोंड़, एससी- एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी सोनभद्र बद्रीनाथ सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, उपजिलाधिकारी दुद्धी निखिल यादव, पुलिस उपाधीक्षक दुद्धी राजेश राय आदि ने पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया. पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया.इसके बाद उनके पैतृक आवास के सामने पार्थिव शरीर को मिट्टी में दफन किया गया. परिजनों के मुताबिक यही उनकी अंतिम इच्छा भी थी. इसी स्थान पर ही समाधि का निर्माण कराया जाएगा. अंतिम संस्कार की परंपरा पुत्र वीरेंद्र सिंह गों ड़,विजेंद्र सिंह गोंड़, नीरेंद्र सिंह गोंड़ ने पूरी कराई. इस दौरान जनसमूह के बीच विजय सिंह गोंड़ अमर रहे का उद्घोष होता रहा।