-
☰
No image found.
राजस्थान: भीलवाड़ा में नारद जयंती पर पत्रकारों का मंथन—गिरते स्तर पर सवाल, एकजुटता का संकल्प
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: देवर्षि नारद मुनि जयंती एवं प्रेस दिवस की पूर्व संध्या पर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की जिला इकाई द्वारा आयोजित पत्रकार संगोष्ठी में पत्रकारिता के मौजूदा हालात पर खुलकर चर्चा हुई।
विस्तार
राजस्थान: देवर्षि नारद मुनि जयंती एवं प्रेस दिवस की पूर्व संध्या पर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की जिला इकाई द्वारा आयोजित पत्रकार संगोष्ठी में पत्रकारिता के मौजूदा हालात पर खुलकर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सवाल उठाया—क्या आत्ममंथन के बिना पत्रकारिता की साख बच पाएगी? कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग ने कहा कि कुछ लोगों की गलत प्रवृत्तियों के कारण पूरे पत्रकार वर्ग की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने चापलूसी, आपसी खींचतान और व्यक्तिगत स्वार्थ की प्रवृत्ति पर निशाना साधते हुए पत्रकारों से एकजुट होकर सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया। संगोष्ठी में विश्वनाथ पाराशर, जितेंद्र सिंह, डॉ. चेतन ठठेरा, ललित ओझा, गोपाल वैष्णव,अनिल राठी, महेन्द्र नागौरी,राजेश जीनगर,कपिल शर्मा सहित कई पत्रकारों ने प्रशासनिक उपेक्षा, आपसी समन्वय की कमी और पेशेगत चुनौतियों पर अपने विचार रखे। चर्चा के आधार पर एक मांगपत्र तैयार कर प्रशासन व राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के सहायक अधिकारी ईशांत काबरा, रोहित वर्मा तथा जार के पदाधिकारी भूपेंद्र ओझा, शहजाद खान, प्रकाश चपलोत और संजय लढा मंचासीन रहे। इस अवसर पर 60 वर्ष से अधिक आयु के करीब एक दर्जन वरिष्ठ पत्रकारों का माला, उपर्णा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लोकेश तिवारी ने किया। अंत में स्नेहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जहां पत्रकारों ने एकजुटता और सुधार का संकल्प दोहराया।
