Contact for Advertisement 9650503773


राजस्थान: खटीक समाज ने किया महादेव का जलाभिषेक, भजन-कीर्तन के साथ धार्मिक आयोजन

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Pappu Lal Sharma , राजस्थान  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 26/08/2026 02:59:07 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by.: Pappu Lal Sharma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 26/08/2026 02:59:07 pm
Share:

संक्षेप

राजस्थान: शाहपुरा क्षेत्र में खटीक समाज की ओर से धार्मिक आयोजन किया गया।

विस्तार

राजस्थान: शाहपुरा क्षेत्र में खटीक समाज की ओर से धार्मिक आयोजन किया गया। पिवनिया तालाब के सामने स्थित शिव शक्ति धर्मशाला परिसर में राधा-कृष्ण मंदिर और मंशापूर्ण महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान को खीर और मालपुए का भोग अर्पित किया गया। कार्यक्रम में खटीक समाज के बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लेकर धार्मिक आयोजन में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। महिलाओं ने दिनभर भगवान शिव और राधा-कृष्ण के भजन-कीर्तन किए। भजनों की धुन पर महिलाओं ने नृत्य करते हुए अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट की। पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।

वहीं पुरुषों ने मंशापूर्ण महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। धार्मिक आयोजन में समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से सहयोग किया। शाम के समय समाज के सभी लोगों के लिए भोजन-प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की।इसी दौरान पिवनिया तालाब के किनारे स्थित माणा घाट महादेव मंदिर में भी विशेष धार्मिक आयोजन देखने को मिला। मंदिर के पुजारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यहां दिनभर महिलाओं की ओर से भजन-कीर्तन किया गया। महिलाएं भजनों पर नृत्य करते हुए भगवान महादेव की भक्ति में लीन रहीं।

मंदिर परिसर में महादेव के पांच जोड़े भी पूजा-अर्चना में बैठे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना की और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। दिनभर चले भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। शाम को माणा घाट महादेव मंदिर में भी भक्तों के लिए भोजन-प्रसादी का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रसादी ग्रहण की। दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था के साथ समाज की एकजुटता और सामूहिक सहभागिता भी देखने को मिली।