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राजस्थान: स्वामी हंसराम उदासीन के 10 वर्ष पूर्ण, गौसेवा के संकल्प के साथ भव्य आयोजन संपन्न

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राजस्थान  Published by: Bharat Bunkar , राजस्थान  Edited By: Kunal, Date: 23/04/2026 05:29:49 pm Share:
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  • 23/04/2026 05:29:49 pm
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संक्षेप

राजस्थान: परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन को महामंडलेश्वर पद प्राप्त हुए 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में आयोजित भव्य धार्मिक एवं सेवा आधारित कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

विस्तार

राजस्थान: परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन को महामंडलेश्वर पद प्राप्त हुए 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में आयोजित भव्य धार्मिक एवं सेवा आधारित कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस दशक पूर्ति के पावन अवसर को आश्रम द्वारा विशुद्ध रूप से 'गौ-सेवा' को समर्पित किया गया। कार्यक्रम में भीलवाड़ा के यशस्वी सांसद दामोदर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने महाराज श्री से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर गौसेवा को बढ़ावा देते हुए गौवंश के लिए पानी की टंकियों का वितरण व गौ-माता को तरबूज का भोग लगाया गया, जिससे सेवा कार्य को नई दिशा मिली।  लघु उद्योग भारती राजस्थान प्रदेश संयुक्त महामंत्री रवींद्र जाजू ने महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के 10 वर्षों के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि हरि शेवा उदासीन आश्रम न केवल धार्मिक चेतना का केंद्र है, बल्कि समाज सेवा और जीव दया के क्षेत्र में भी एक मिसाल पेश कर रहा है।

पानी की टंकियों का वितरण भीषण गर्मी के आगामी दौर को देखते हुए निराश्रित गौवंश के लिए पानी की टंकियों का वितरण किया गया। ताकि बेजुबान पशुओं को पेयजल के लिए भटकना न पड़े। गौ-माता को तरबूज भोग कार्यक्रम के दौरान महामंडलेश्वर व उपस्थित भक्तों और अतिथियों ने गौमाता की पूजा कर अपने हाथों से गौवंश को तरबूज का भोग लगाया। भीषण गर्मी में गौ-सेवा का यह दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा।
भक्तों को दिया आशीर्वाद महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी ने इस अवसर पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि "पद की सार्थकता केवल सेवा में है। इन 10 वर्षों में सनातन धर्म और जीव मात्र की सेवा का जो संकल्प लिया गया था, वह अनवरत जारी रहेगा।" 
ज्ञात हो कि 23 अप्रैल 2016 को सिंहस्थ कुंभ, उज्जैन में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन द्वारा स्वामी

 हंसराम जी को महामंडलेश्वर की उपाधि से विभूषित किया गया था। पिछले 10 वर्षों में उनके मार्गदर्शन में समाज में धर्म, संस्कार और सेवा की भावना को निरंतर मजबूती मिली है। कार्यक्रम के दौरान संत समाज एवं अतिथियों ने  स्वामी जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। आयोजन का उद्देश्य समाज में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करना रहा, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। इनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण रही, कार्यक्रम में संत राजाराम, संत गोविन्द राम, ब्रह्मचारी मिहिर, चाँदमल सोमानी, हीरालाल

 गुरनानी, वीरुमल पुरसानी, हेमंत वच्छानी, अम्बालाल नानकानी, ईश्वर आसनानी, हेमन दास भोजवानी, मनीष सबदानी, पुरुषोत्तम परियानी, पल्लवी वच्छानी, लालचंद नथरानी, कन्नू जगत्यानी, अशोक मूंदड़ा, परमानन्द गुरनानी, छीतरमल गेंगट, चितवान व्यास, विमल जैन, रामानुज सारस्वत, एडवोकेट दीपक खूबवानी, हेमेंद्र सिंह उपरेड़ा, गौतम शर्मा, हरीश राजवानी, रोशन मेघवंशी, हरीश हिंदुस्तानी, किशोर कृपलानी, जगदीश डीडवानिया, मुरलीधर  कोली, गोपाल नानकानी, रमन शर्मा, किशोर लखवानी, कमल वेशनानी, वासुदेव मोतियानी, महावीर गेंगट, बिलेश्वर डाड, नरेंद्र रामचंदानी, कैलाश सोनी, लक्ष्मण लालवानी, गौरव जीनगर, गौभक्त राम लखन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने स्वामी जी को उनके सफल 10 वर्षों के कार्यकाल की बधाई दी, माला व साफा पहनाकर स्वागत किया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।