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राजस्थान: यूपीआई शुल्क के प्रस्ताव पर व्यापारियों ने जताई चिंता, नकद लेनदेन बढ़ने की आशंका
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संक्षेप
राजस्थान: श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ एवं बिमला मार्केट व्यापारिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को बिमला मार्केट स्थित राजू भक्तानी के कार्यालय परिसर में यूपीआई भुगतान को लेकर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
विस्तार
राजस्थान: श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ एवं बिमला मार्केट व्यापारिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को बिमला मार्केट स्थित राजू भक्तानी के कार्यालय परिसर में यूपीआई भुगतान को लेकर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में आगामी 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर व्यापारियों से प्रस्तावित 0.04 प्रतिशत शुल्क लिए जाने को लेकर व्यापारियों ने चिंता व्यक्त की। वैचारिक गोष्ठी की अध्यक्षता श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र मूरजानी ने की। उन्होंने कहा कि यूपीआई पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से नकद लेनदेन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे टैक्स चोरी जैसी समस्याओं को भी बढ़ावा मिलने की आशंका है। महासंघ के संस्थापक एवं महासचिव रमेश लालवानी ने कहा कि व्यापारियों ने देशहित में नकद लेनदेन को हतोत्साहित करते हुए डिजिटल भुगतान और यूपीआई को बढ़ावा दिया है। यदि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाया जाता है तो इससे व्यापारी वर्ग में असंतोष बढ़ेगा और लोग पुनः नकद भुगतान की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि नकद लेनदेन में नोट गिनने, हिसाब रखने और समय की बर्बादी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। एडवोकेट वहेदा चिश्ती ने भी प्रस्तावित शुल्क पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे नकद लेनदेन बढ़ने के साथ टैक्स चोरी की संभावना बढ़ सकती है। इस दौरान राजू भक्तानी, रमेश मूरजानी सहित बिमला मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई शुल्क से व्यापारियों को होने वाली संभावित परेशानियों पर अपने विचार रखे। उर्वेश मूरजानी, लक्ष्मण टिकयानी सहित अन्य व्यापारियों ने भी प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया। गोष्ठी में उपस्थित व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांग की कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर व्यापारियों से 0.04 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव को वापस लिया जाए, ताकि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन मिलता रहे और व्यापारी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े। कार्यक्रम का संचालन श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के महासचिव रमेश लालवानी ने किया। इस अवसर पर महासंघ एवं सर्वधर्म समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे और उन्होंने यूपीआई भुगतान से जुड़े प्रस्ताव पर अपने विचार व्यक्त किए।
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