-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: आईजीआरएस के असंतुष्ट फीडबैक पर एसपी सख्त, सीओ से स्पष्टीकरण
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद मिले असंतुष्ट फीडबैक को लेकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने समीक्षा की। समीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर एसपी ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद मिले असंतुष्ट फीडबैक को लेकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने समीक्षा की। समीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर एसपी ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। सीओ मेहदावल से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि उपनिरीक्षक देवब्रत शर्मा के खिलाफ प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कांस्टेबल जितेंद्र यादव और कांस्टेबल सूरज पासवान को दंडस्वरूप दौड़ कराई गई पुलिस के अनुसार, आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक की समीक्षा की जाती है। इसी क्रम में असंतुष्ट फीडबैक वाली शिकायतों की जांच की गई। समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता और गुणवत्ता नहीं मिलने पर संबंधितों की जवाबदेही तय की गई। सीओ से मांगा स्पष्टीकरण आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में सामने आई कमियों को लेकर सीओ मेहदावल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, उपनिरीक्षक देवब्रत शर्मा के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में शिकायत के निस्तारण से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी। दो सिपाहियों को कराया दंडस्वरूप दौड़ समीक्षा के दौरान कार्रवाई के क्रम में कांस्टेबल जितेंद्र यादव और सूरज पासवान को दंडस्वरूप दौड़ कराई गई। एसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता पर जोर
एसपी ने पुलिस अधिकारियों को आईजीआरएस समेत विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतों के निस्तारण के बाद प्राप्त फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए कमियों को दूर करने और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
उत्तर प्रदेश: साइबर फ्रॉड पीड़ितों को दुधारा पुलिस की राहत, दो मामलों में ₹10,857 की रकम कराई वापस
