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उत्तर प्रदेश: कुशीनगर में 24 घंटे में सुलझा 23 साल पुराना जमीन विवाद, 1050 वर्ग मीटर भूमि कब्जामुक्त

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pawan Tiwari , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 10/04/2026 11:31:40 am Share:
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  • Published by.: Pawan Tiwari ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 10/04/2026 11:31:40 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जिले में प्रशासनिक सख्ती का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है, जहां जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर वर्षों पुराना जमीन विवाद सुलझा दिया गया। मामला तहसील कसया के फाजिलनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम लोहरव लिया (थाना चौराखाश) का है,

विस्तार

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जिले में प्रशासनिक सख्ती का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है, जहां जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर वर्षों पुराना जमीन विवाद सुलझा दिया गया। मामला तहसील कसया के फाजिलनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम लोहरव लिया (थाना चौराखाश) का है, जहां काली मां मंदिर, चकनाली और खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सिद्धार्थ वरुण राय अपनी फरियाद लेकर सीधे जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे। उन्होंने शिकायत में बताया कि गांव के ही एक दबंग व्यक्ति जुगल किशोर द्वारा काली मां मंदिर, चकनाली और खलिहान की जमीन पर कब्जा किया गया है। राजस्व टीम कई बार मौके पर गई, लेकिन हर बार विवाद और विरोध के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल उप जिलाधिकारी कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल को कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और टीम गठित कर मौके पर विधिवत पैमाइश कराई गई। इसके बाद कब्जा हटाने के लिए राजस्व और पुलिस टीम संयुक्त रूप से गांव पहुंची। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों द्वारा विरोध और नोकझोंक भी की गई, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए जेसीबी मशीन की मदद से अवैध कब्जा हटवा दिया। इस दौरान पुलिस बल भी पूरी तरह मुस्तैद रहा, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही और कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कर ली गई।

प्रशासन द्वारा कुल 1050 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। इसमें गाटा संख्या 61 (काली मां मंदिर) की 120 वर्ग मीटर जमीन, गाटा संख्या 112 (चकनाली) की 850 वर्ग मीटर जमीन और गाटा संख्या 58 (खलिहान) की 80 वर्ग मीटर जमीन शामिल है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह विवाद करीब 23 वर्षों से चला आ रहा था और कई बार प्रयासों के बावजूद इसका समाधान नहीं हो पाया था। ऐसे में प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से गांव में संतोष और राहत का माहौल है। लोगों ने जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम के प्रति आभार जताया है।

इस पूरे अभियान में उप जिलाधिकारी कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल के साथ नायब तहसीलदार संदीप कुमार, राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश, लेखपाल राजू प्रजापति, थाना चौराखाश के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार तथा ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई न केवल प्रशासन की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि लंबे समय से लंबित विवादों को अब प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जा रहा है।